मथुरा, जासं। ठाकुर श्री द्वारिकाधीश मंदिर में सुबह से ही आस्था का सैलाब उमड़ रहा था। देश-दुनिया के भक्त ठाकुरजी को निहारने के लिए लालायित थे। सुबह ठाकुरजी के दर्शन और रात में अभिषेक के दर्शन कर अपने को धन्य समझ रहे थे। भक्तों का मानना था कि यह क्षण केवल ठाकुरजी की कृपा से ही मिला है। मंदिर में ठाकुरजी का जयघोष होता रहा और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते रहे।

ठाकुर श्री द्वारिकाधीश मंदिर में जगत के पालन हार के जन्मोत्सव पर आस्था का ज्वार उमड़ रहा था। श्रद्धालुओं का तांता सुबह से ही लगने लगा। सुबह छह से सवा छह बजे तक मंगला के दर्शन भक्तों ने किए। सुबह साढ़े साढ़े छह बजे भगवान का पंचामृत अभिषेक मंदिर के मुखिया ब्रजेश, सुधीर आदि ने दूध, दही, घी, शहद, बूरा आदि से किया। सुबह नौ बजे ठाकुरजी का श्रृंगार किया गया और भगवान की जन्मपत्रिका पंडित अजय कुमार तेलंग ने वाची। ठाकुरजी के श्रृंगार के दर्शन खुले। ठाकुरजी हीरे, जवाहरात, स्वर्ण आभूषण धराये गए और श्रृंगार के दर्शन के बाद ग्वाल और राजभोग के दर्शन नियमानुसार हुए। शाम साढ़े सात पर उत्थापन के दर्शन खुले, उनके पश्चात भोग, संध्या आरती के दर्शन हुए। 10 बजे जागरण के प्रथम दर्शनों का आनंद भक्तों ने लिया। भगवान के जन्म के दर्शन लगभग 11.45 हुए और जगत के पालन हार प्रकट हुए। नंद के घर आनंद भयौ, जय कंहैया लाल की, बृज मैं उमंग भयो जय कंहैया लाल के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। मीडिया प्रभारी एड. राकेश तिवारी, सत्यनारायण शर्मा, राधारमन अरौरा, राजीव चतुर्वेदी, ब्रजेश चतुर्वेदी, कंहैया लाल, जीतू, बलदेव भंडारी, अजय भट्ट, सौरभ अग्रवाल, बनवारी लाल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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