मथुरा, जासं। अद्भुत अकल्पनीय और अतुलनीय। ये तीन शब्द उस समय लोगों के मुख से निकल पड़े जब योगीराज की जन्मस्थली से जन्माष्टमी की भव्य शोभायात्रा निकली।

रंगबिरंगी वेषभूषा में शंकरजी के गणों से लेकर रामचंद्रजी का परिवार, राधा-कृष्ण, सुदामा, परशुराम, नारद आदि स्वरूप यात्रा की भव्यता में चार चांद लगा रहे थे। इसके अलावा देश भर से आए लोक कलाकार अपनी स्थानीय वेशभूषा में परंपरागत नृत्य व कलाओं का प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ रहे थे। इस दौरान यात्रा का पग-पग पर भव्य स्वागत किया गया।

पूरी दुनिया कान्हा के आगमन की भव्य तैयारियों में जुटी है। ब्रज में तो यह बेकरारी चरम पर पहुंच चुकी है। कई जगह तो शुक्रवार को ही लाला जन्म ले चुके हैं। शनिवार को भी यह क्रम धूमधाम से दोहराया जाएगा। शासन की ओर से तीन दिवसीय पर्व मनाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान से अति भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सुबह करीब 11.30 बजे जन्मस्थान से यात्रा का आरंभ हुआ। इस भव्यता को देखने के लिए हजारों की संख्या में भक्तों का जमावड़ा पलके बिछाए बैठा था। मुख्य द्वार के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई थीं। भक्तों का रेला उमड़ रहा था। इस ढोल-नगाड़े, बैंडबाजे की धुन के बीच यात्रा निकली।

शुभारंभ कैबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायन, उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नागेंद्र प्रताप, श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा, सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने ध्वजा फहराकर व नगाड़ा बजाकर किया गया। डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी शलभ माथुर भी मौजूद रहे।

यात्रा में मां काली,राधा-कृष्ण, सुदामा, परशुराम, श्रीहनुमान आदि स्वरूप चल रहे थे। इसके अलावा कलाकार अपनी लोक संस्कृति से जुड़ी लोक विधाओं के नृत्यों की प्रस्तुति के साथ आगे बढ़ रहे थे। पटेबाजों ने अपनी कला का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, ब्रज, अवध, पूर्वांचल आदि की लोकसंस्कृति का संगम देखने को मिला। वहीं, ²श्य को अपनी स्मृति का हिस्सा बनाने के लिए श्रद्धालु मोबाइल फोन में कैद कर रहे थे। यात्रा जन्मस्थान से शुरू होकर डीग गेट, चौक बाजार, द्वारिकाधीश, छत्ता बाजार होती हुई होली गेट पर समाप्त हुई। यहां पहुंचने पर तिलकद्वार पर स्थानीय व्यापारियों ने सभी कलाकारों को जलपान कराया। पूरा शहर बधाई वाले बैनरों से पटा पड़ा था। शनिवार और रविवार को भी शोभायात्रा निकाली जाएगी।

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चला-चलाकर थका डाला: शोभायात्रा में शामिल देशभर से आए कलाकारों का गर्मी और लंबी दूरी की यात्रा से बुरा हाल हो गया। उनका कहना था कि उमस भरी गर्मी में बहुत परेशानी हुई। दूसरा जन्मभूमि से होली गेट तक करीब पांच किमी का सफर घूम-घूमकर तय करना पड़ा। इसमें बहुत परेशानी आई।

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अयोध्या से आए कृष्ण-सुदामा: यात्रा में भगवान कृष्ण और सुदामा की जोड़ी ने खूब आकर्षित किया। कृष्ण के स्वरूप में प्रांजल यादव थे और सुदामा सूरज बने थे। दोनों ही अयोध्या से आए थे। उन्होंने बताया कि इस समय वे बीकॉम सेकेंड ईयर में हैं। ऐसे कार्यक्रमों में कई बार भाग ले चुके हैं।

Posted By: Jagran

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