मथुरा: नाली को लेकर विवाद, चाचा की गोली मारकर हत्या; दो साल बाद पति-पत्नी को आजीवन कारावास
मथुरा की अदालत ने ढाई साल पुराने नाली विवाद में चाचा की हत्या के मामले में फैसला सुनाया है। भतीजे ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, मथुरा। फरह के गांव महुअन में करीब ढाई वर्ष पूर्व नाली के विवाद में चाचा की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जिला जज विकास कुमार की अदालत ने गुरुवार को फैसला सुना दिया। अदालत ने भतीजे और उसकी पत्नी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। भतीजे पर 25 हजार और उसकी पत्नी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तस्कर ने बताया फरह के गांव महुअन में 25 जनवरी 2024 की सुबह दस बजे सुबह टुंडाराम अपने दरवाजे के सामने नाली बनवा रहा था। साथ ही नालियों के ऊपर सीढ़ी निकालने की तैयारी थी। उनके सामने चाचा शिव सिंह उर्फ शिब्बो का मकान है। नाली निर्माण से गंदे पानी की निकासी की बात को लेकर चाचा शिव सिंह का भतीजे टुंडाराम से झगड़ा शुरू हो गया।
झगड़े से गुस्साए टुंडाराम ने 65 वर्षीय चाचा को तमंचे से गोली मार दी। पीठ में गोली लगने से मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। हत्या की घटना से गांव में सनसनी फैल गई। घटना के बाद आरोपित पत्नी उर्मिला संग फरार हो गया। करीब दो घंटे बाद उसने गोवर्धन चौराहा पर पुलिस बुलाई और आत्मसमर्पण कर दिया। मृतक के बेटे उमेश कुमार ने दंपती के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमे की सुनवाई जिला न्यायाधीश विकास कुमार की अदालत में हुई। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर शिव सिंह और उसकी पत्नी उर्मिला को दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शिव सिंह पर 25 हजार और उसकी पत्नी उर्मिला पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
दोषी शिव सिंह गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में बंद है, जबकि उसकी पत्नी जमानत पर बाहर थी। सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने उनका सजाई वारंट बनाकर सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।
बंटवारे का हिस्सा नहीं देने से चल रही थी रंजिश
टुंडाराम के एक बाबा अविवाहित थे। उनकी मृत्यु पर शिव सिंह ने खेत का बंटवारा किया था। 12 वर्ष पूर्व इस बंटवारे में शिव सिंह ने भतीजे टुंडाराम को हिस्सा नहीं दिया था। इसे लेकर दोनों परिवारों में रंजिश चल रही थी। पूर्व में कई बार विवाद हो चुके हैं।
