विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोवर्धन के कुसुम सरोवर में फिर तड़प-तड़पकर मर रही मछलियां, प्रदूषण पर उठे सवाल

By Virendra Kumar Verma Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 29 Sep 2026 03:22 PM (IST)

गोवर्धन के ऐतिहासिक कुसुम सरोवर में बड़ी संख्या में मछलियां मृत पाई गईं, जिससे पानी में ऑक्सीजन की कमी और ...और पढ़ें

कुसुम सरोवर में मृत मछलियां।

कुसुम सरोवर में मृत मछलियां।

संवाद सूत्र, गोवर्धन (मथुरा)। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी ऐतिहासिक कुसुम सरोवर की बदहाली दूर नहीं हो सकी है। सरोवर में सोमवार को बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में मिलीं। पानी में आक्सीजन की कमी और प्रदूषण को मछलियों की मौत का संभावित कारण माना जा रहा है।

पानी की सतह पर उतराती और किनारे पड़ी मृत मछलियों से उठ रही दुर्गंध ने श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी है। धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र में मछलियों की मौत ने सरोवर की जल गुणवत्ता और व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गोवर्धन परिक्रमा मार्ग स्थित कुसुम सरोवर पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालु यहां आचमन और स्नान भी करते हैं। ऐसे में सरोवर के प्रदूषित पानी में मछलियों के मरने की घटना ने चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सरोवर के पानी का रंग कई स्थानों पर हरा तो कहीं काला दिखाई देता है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पानी को स्नान के लिए अनुपयुक्त बताते हुए इससे बीमारियों की आशंका जताई जा चुकी है। इससे पहले भी मछलियों की मौत के बाद प्रशासन ने सरोवर में कैल्शियम कार्बोनेट और पोटेशियम परमैंगनेट डालकर पानी को उपचारित करने और मछलियों को बचाने का प्रयास किया था।

स्थानीय निवासी सीताराम बाबा, रामदास बाबा, ईश्वर दास, राम भरोसी दास, गोलू शर्मा, देवानंद दास, उदय बाबा, माधव पंडित, महावीर शर्मा और गणेश बघेल ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरोवर में अचानक बड़ी संख्या में मछलियों की मौत सामान्य घटना नहीं है।

मत्स्य विभाग और जल विशेषज्ञों की टीम तत्काल भेजकर पानी के नमूने लिए जाएं और जांच कराई जाए, ताकि मछलियों की मौत का वास्तविक कारण सामने आ सके।