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मथुरा: गोकुल के तीन प्राचीन कुंडों को मिलेगा नया रूप, विदेशी संस्था लगाएगी दो करोड़

By Rakesh Kumar Sharma Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 13 Oct 2026 11:57 PM (IST)

मथुरा के गोकुल में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़े तीन प्राचीन कुंडों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। नीदरलैंड की ...और पढ़ें

गोकुल का प्राचीन कुंड।

गोकुल का प्राचीन कुंड।

जागरण संवाददाता, मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के साक्षी गोकुल के प्राचीन कुंडों के दिन बहुरने वाले हैं। धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व रखने वाले तीन प्रमुख कुंडों के संरक्षण और सुंदरीकरण की पहल की जा रही है।

नीदरलैंड की संस्था लिविंग पीस फाउंडेशन पतित पावन कुंड और कमल कुंड के कायाकल्प पर दो करोड़ रुपये खर्च करेगी। वहीं, गोप तलाई के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण की जिम्मेदारी गुरुग्राम की समर्थ फाउंडेशन ने उठाई है।

गोकुल के प्राचीन कुंड धार्मिक आस्था के साथ ही क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा हैं। लंबे समय से इनके संरक्षण और सुंदरीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब इन कुंडों को नया स्वरूप देने के लिए संस्थाएं आगे आई हैं। नीदरलैंड की लिविंग पीस फाउंडेशन का क्षेत्रीय कार्यालय गुरुग्राम में है।

संस्था पतित पावन कुंड और कमल कुंड पर एक-एक करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस संबंध में उप्र तीर्थ विकास परिषद के साथ एमओयू भी हो चुका है। नवंबर में दोनों कुंडों पर काम शुरू होने की उम्मीद है। तीसरे प्रमुख कुंड गोप तलाई के कायाकल्प के लिए समर्थ फाउंडेशन ने जिम्मेदारी ली है। संस्था अपने बजट से इस कुंड का सुंदरीकरण और संरक्षण कराएगी।

नगर पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के अनुसार, तीनों कुंडों के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए संबंधित संस्थाओं को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

गोकुल भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी प्रमुख धार्मिक नगरी है। यहां देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन और धार्मिक स्थलों के भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्राचीन कुंडों का व्यवस्थित विकास होने से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिल सकती है।