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सफेद और चमकदार पनीर, कपड़े धोने वाला टिनोपाल हो रहा था इस्तेमाल; मथुरा में एफएसडीए की बड़ी कार्रवाई

By Rakesh Kumar Sharma Edited By: Prateek Gupta
Published: Mon, 17 Aug 2026 10:02 PM (GMT+05:30)

मथुरा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने शेरगढ़ के हुसैनी गांव में केमिकल से पनीर बनाने वाली इकाई पर छापा मारा। ...और पढ़ें

मथुरा में दूषित दूध और पनीर को नष्ट कराती टीम।

मथुरा में दूषित दूध और पनीर को नष्ट कराती टीम।

जागरण संवाददाता, मथुरा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शेरगढ़ के गांव हुसैनी में छापा मारकर केमिकल से पनीर बनाने का भंडाफोड़ किया है। यहां की निर्माण इकाई में पनीर को सफेद करने के लिए टिनोपाल और रंगकाट (सोडियम हाइड्रो सल्फेट) का प्रयोग हो रहा था। टीम ने यहां से 500 किलो दूषित पनीर और दो हजार किलो दूषित दूध नष्ट कराया।

इस माल की कीमत करीब सवा दो लाख रुपये है। पनीर निर्माण इकाई के संचालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सहायक आयुक्त खाद्य डा. जतिन कुमार सिंह को गोपनीय सूचना मिली कि छाता तहसील स्थित शेरगढ़ के गांव हुसैनी में मिलावटी पनीर बनाया जा रहा है।

इस पर सहायक आयुक्त के साथ मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके त्रिपाठी के नेतृत्व में खाद्य सचल दल ने सोमवार को गांव हुसैनी में सोनू कुमार की पनीर निर्माण इकाई पर छापा मारा गया। निरीक्षण के दौरान पनीर निर्माण इकाई में मौके पर स्किम्ड मिल्क पावडर, 80 किलो रिफाइंड सोयाबीन आयल, सोयाबीन, 20 किलो टिनोपाल केमिकल तथा 12 किलो रंगकाट (सोडियम हाइड्रो सल्फेट) मिला

इनका प्रयोग पनीर बनाने में किया जा रहा था। इस इकाई से पनीर के दो, दूध के दो, एवं रिफाइंड पामोलीन आयल, सोयाबीन, टिनोपाल एवं स्किम्ड मिल्क पावडर का एक-एक नमूना लिया गया। यहां करीब एक लाख रुपये का 500 किग्रा दूषित पनीर और सवा लाख रुपये का दो हजार लीटर दूध नष्ट कराया गया। बाकी सामान को सीज किया गया।

इकाई संचालक के विरुद्ध शेरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। लिए गए कुल नौ नमूने जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज गए। सहायक आयुक्त ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सचलदल में धर्मेंद्र सिंह, अरुण कुमार राणा, जितेंद्र सिंह,रीना शर्मा व नेहा खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल रहे।