छाता में किसानों का जनांदोलन- पांच साल का धैर्य टूटा, अब चीनी मिल चलवाकर ही लेंगे दम
छाता में पूर्व सैनिक परिषद के नेतृत्व में चीनी मिल शुरू कराने को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन एक माह बाद उग्र हो गया है।

छाता चीनी मिल के सामने धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते सूबेदार ललित चौधरी एवं मंच पर बैठे पूर्व सैनिक एवं किसान। जागरण
HighLights
पूर्व सैनिक परिषद के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन उग्र हुआ।
नरी सेमरी के सैकड़ों किसानों ने आंदोलन को समर्थन दिया।
किसान पांच साल के झूठे आश्वासनों से परेशान, मिल की मांग।
जागरण संवाददाता, छाता। पूर्व सैनिक परिषद के नेतृत्व में चीनी मिल के लिए चल रहे धरना-प्रदर्शन एक माह बाद उग्र हो गया है। रविवार को नरी सेमरी के सैकड़ों किसान धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन किया।
सच कहते हैं मंत्रीजी, हमें चीनी मिल चाहिए, के नाराें से धरनास्थल गुंजायमान हो उठा। किसानों ने कहा, पांच साल में धैर्य जवाब दे गया, अब चीनी मिल चलवाकर ही दम लेंगे। किसानों ने संघर्ष को पूर्ण समर्थन देते हुए इसे जनांदोलन का रूप देने की बात कही। धरनास्थल पर पुलिस फोर्स मौजूद रहा, लेकिन किसान डरे नहीं अडिग रहे।
धरना-प्रदर्शन में नरी गांव से पहुंचे किसान आदती लंबरदार ने तीखे तेवरों में सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि नेताओं और शासन के झूठे आश्वासन को सुनते-सुनते पांच साल बीत चुके हैं, और अब यह सहनशक्ति जवाब दे चुकी है। अब मिल चालू कराकर ही दम लेंगे। ठोस और लिखित निर्णय नहीं होने तक अन्नदाता पीछे नहीं हटेंगे।
किसानों ने दोटूक चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो यह आंदोलन आने वाले समय में लाखों लोगों के सैलाब में बदल जाएगा, इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
किसान यशपाल मास्टर ने कहा चीनी मिल चालू करने के लिए आंदोलन की शुरुआत एक माह पूर्व 10-15 लोगों के साथ हुई थी। आज ये प्रदर्शन जनांदोलन बन गया है।
उन्होंने कहा, शुरुआत में प्रशासन ने डराने, धमकाकर आवाज दबाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन किसान अब डरने वाले नहीं हैं। पूर्व प्रधान कान्हा सिंह और पवन दुबे ने जल्द पैदल मार्च निकाल धरना-प्रदर्शन को मजबूती देने की घोषणा की।
प्रदर्शन में करण, भोला सभासद, अशोक ठाकुर, छैलविहारी सभासद, रामचरण, मुरारी प्रधान, राधावल्लभ, भीमसेन, लोकेंद्र देव, प्रताप सिंह, रामहंस, अमर सिंह, मुरारी नेता, पप्पू पहलवान, नरेश गौतम, बीरी सिंह, कान्हा प्रधान, लोकेश, शिवचरण, देवेंद्र और शकर सिंह समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
