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लहंगा पहनकर घुसा प्रेमिका के घर, दुष्कर्म नहीं कर पाया तो जलाकर कर दी हत्या; अदालत ने दिया प्रेमी को मृत्यु दंड

By Digital Desk Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 05 May 2026 01:52 PM (IST)Updated: Tue, 05 May 2026 07:16 PM (IST)

मथुरा की एक अदालत ने रिश्ते की बहन को जिंदा जलाकर हत्या करने वाले भाई उमेश को मौत की सजा ...और पढ़ें

जिला जज की अदालत में मृत्यु दंड की सजा पाने के बाद उमेश।

जिला जज की अदालत में मृत्यु दंड की सजा पाने के बाद उमेश।

जागरण संवाददाता, मथुरा। प्रेमिका से दुष्कर्म में विफल होने पर उसकी पेट्रोल डालकर जलाकर हत्या करने के दोषी को मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जिला जज की अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई।

मृत्यु से पहले शादीशुदा प्रेमिका द्वारा मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान ने दोषी को मृत्यु दंड दिलाया। 15 माह की सुनवाई के दौरान ही न्यायालय ने यह निर्णय दिया। मृतका दोषी की बहन की देवरानी थी।

हरियाणा के पलवल क्षेत्र निवासी दोषी को वर्ष 2016 में हरियाणा में एक हत्या के मामले में वहां की न्यायालय आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है। फरह थाना क्षेत्र के एक गांव में 11 मार्च 2025 को एक महिला दोपहर 12 बजे घर में टीवी देख रही थी।

पेट्रोल लेकर महिला के वेश में घुसा घर में

सात वर्षीय बेटी, पांच वर्षीय बेटा स्कूल व राजमिस्त्री पति काम पर गए थे। महिला का प्रेमी हरियाणा पलवल के हसनपुर गांव निवासी उमेश एक बोतल में पेट्रोल लेकर महिला के वेश में लहंगा पहनकर आया और घर के अंदर घुस गया।

महिला से दुष्कर्म का प्रयास किया और विरोध करने पर उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, आग की चपेट में आकर उमेश भी झुलस गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो छत के रास्ते नीचे कूदकर उमेश भागने लगा।

पड़ोसियों ने उमेश को पकड़ लिया और पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस ने महिला और उमेश को अस्पताल में भर्ती कराया। आगरा के एसएन मेडिकल कालेज में बाद में महिला की मृत्यु हो गई। पुलिस ने उमेश को जेल भेज दिया।

मुकदमे की सुनवाई जिला न्यायाधीश विकास कुमार की अदालत में हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि 15 माह तक चली सुनवाई में 10 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मृतका ने मरने से पूर्व मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान दिए थे।

एफएसएल की रिपोर्ट में भी महिला पर पेट्रोल डालकर जलाने की पुष्टि हुई। तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर जिला न्यायाधीश ने मंगलवार को उमेश को फांसी की सजा सुनाई। उमेश गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में बंद है। महिला के पति पांच भाई हैं।

बहन की देवरानी से प्रेम प्रसंग

बड़े भाई और छोटे भाई की पत्नियां सगी बहनें हैं। दोषी उमेश इनका सगा भाई है। वर्ष 2023 में उमेश बहनों के पास रहने आया था। यहां उसने सब्जी बेची। इसी दौरान अपनी बहन की देवरानी से प्रेम प्रसंग चलने लगा। वर्ष 2024 में महिला उमेश के साथ घर से भाग गई थी।

23 दिन बाद दोनों को पुलिस ने नैनीताल से बरामद किया। पंचायत के बाद महिला ने उमेश से बात करना बंद कर दिया। इससे नाराज होकर उसने घटना को अंजाम दिया।

पूर्व प्रेमिका के पति की भी कर चुका हत्या

उमेश ने 10 वर्ष पूर्व हरियाणा के पलवल जिले के थाना हसनपुर में पूर्व प्रेमिका मधु के साथ मिलकर उनके पति श्याम की निर्मम हत्या कर चुका है।

जुलाई 2016 में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने छह अक्टूबर 2016 को उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हरियाणा से उसे 2018 में आजीवन कारावास हो चुका है।