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Success Story: एक कमरे से शुरू कर बना दी 500 करोड़ की ग्लोबल टेक कंपनी, मथुरा के दंपत्ति बने मिसाल

By Viveka Nand Edited By: Prateek Gupta
Published: Wed, 02 Sep 2026 11:04 PM (IST)

मथुरा के चंद्रकांत अग्रवाल और उनकी इंजीनियर पत्नी प्रियंका ने एक कमरे से 'एप स्क्वाड्ज' कंपनी की शुरुआत की, जो ...और पढ़ें

पत्नी प्रियंका अग्रवाल के साथ चंद्रकांत अग्रवाल।

पत्नी प्रियंका अग्रवाल के साथ चंद्रकांत अग्रवाल।

विवेक राजपूत, मथुरा। सपना हैसियत से बड़ा था, लेकिन हौसला उससे ज्यादा मजबूत। पिता के साथ प्रिंटिंग प्रेस में काम करते-करते साफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी हासिल की। इसके बाद नौकरी छोड़कर एक कमरे में कंपनी की पटकखा लिखी और उसे साकार करने के लिए जुट गया।

इंजीनियर पत्नी प्रियंका अग्रवाल के साथ शुरू की गई कंपनी अब पूरा आकार ले चुकी है। ये कहानी है मथुरा के चंद्रकांत अग्रवाल की। टेक दुनिया की साफ्टवेयर कंपनी एप स्क्वाड्ज के को-फाउंडर के रूप में उनकी पहचान स्थापित हो चुकी है। 30 से ज्यादा देशों में सेवाएं देने वाली कंपनी का सालाना कारोबार 500 करोड़ तक पहुंच गया है।

क्लाउट कंप्यूटिंग, डिजिटल ट्रांसफार्मेशन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी भारत सरकार के इंडिया एआइ मिशन से जुड़ चुकी है। आदर्श नगर निवासी चंद्रकांत अग्रवाल का जन्म एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। नोएडा से इंजीनियरिंग की। बीटेक की डिग्री के बाद भी राह आसान नहीं हुई।

मथुरा से कोटा तक सफर में पैसे की तंगी आड़े आई तो छात्रों को ट्यूशन पढा़ई और रहने का खर्च निकाला। अभावों के उस दौर ने उन्हें मानसिक रूप से इतना मजबूत बना दिया कि वह हर विपरीत परिस्थिति से लड़ना सीख गए।

क्या करती है एपस्क्वाड्ज कंपनी

2014 में चंद्रकांत ने नौकरी छोड़कर कुछ बड़ा करने का फैसला लिया। इस जोखिम भरे सफर में उनकी आइआइटियन पत्नी प्रियंका अग्रवाल उनकी सबसे बड़ी ताकत बनीं। चंद्रकांत बताते हैं कि नोएडा में एक छोटे से किराए के कमरे से कंपनी की शुरुआत की। सपने बड़े थे, लेकिन बजट छोटा।

आफिस की सफाई से लेकर कोडिंग और क्लाइंट डीलिंग तक मैं और प्रियंका साथ-साथ करते थे। समय के साथ सफलता मिली तो टीम खड़ी की और सपने पूरे हो गए।

गेमिंग एप की सफलता के बाद बड़ी उड़ान

चंद्रकांत बताते हैं कि कंपनी की शुरुआत गेमिंग एप के साथ की। इसके परिणामों ने आगे का रास्ता दिखाया। सही समय पर सटीक निर्णय लेते गए। मोबाइल एप के बाद क्लाउड सर्विसेज और एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जैसे क्षेत्र में कदम रखा। कोविड-19 से ठीक पहले क्लाउड सर्विसेज में एंट्री करना कंपनी के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।

आज कंपनी एप स्क्वाड्ज, एमेजान वेब सर्विस की प्रीमियर टियर पार्टनर है और भारत सरकार के इंडियन एआइ मिशन का हिस्सा भी है। 2023 में कंपनी को एडब्ल्यूएस राइजिंग स्टार पार्टनर आफ द ईयर का अवार्ड भी मिला।

अगर लक्ष्य बनाकर काम किया जाए तो मंजिल दूर नहीं होती।मेहनत से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। आज हमारे सपने पूरे हुए हैं। कंपनी नए लक्ष्यों पर काम कर रही है। मथुरा के भी 30 युवाओं की टीम हमारे साथ है।

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-चंद्रकांत अग्रवाल, एपस्क्वाड्ज