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छाता चीनी मिल में आया बड़ा मोड़, किसानों पर रिपोर्ट कराने वाले ने ही खोला गन्ना मंत्री के खिलाफ मोर्चा

By Vineet Kumar Mishra Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 29 Sep 2026 08:14 PM (IST)

छाता चीनी मिल को शुरू कराने के लिए चल रहे धरने में नया मोड़ आया है। आंदोलनकारियों पर मुकदमा दर्ज ...और पढ़ें

छाता चीनी मिल को लेकर धरना दे रहे किसानों के बीच पहुंचे गिर्राज सिंह।

छाता चीनी मिल को लेकर धरना दे रहे किसानों के बीच पहुंचे गिर्राज सिंह।

HighLights

  1. गिर्राज वाल्मीकि ने आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की घोषणा की।

  2. उन्होंने गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण के खिलाफ मोर्चा खोला।

संवाद सूत्र, छाता (मथुरा)। छाता की बंद पड़ी चीनी मिल को शुरू कराने के लिए चल रहे धरने में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। जिन गिर्राज वाल्मीकि ने गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मी पर निशाना साधते हुए उनके समाज को लेकर अमर्यादित टिप्पणी करने पर आंदोलनकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया था।

वह मंगलवार को पलट गए। धरनास्थल पर पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराने को माफी मांगी। धरने का समर्थन किया और कहा कि मैं अपना मुकदमा वापस ले लूंगा। फिर यहां गन्ना विकास मंत्री पर निशाना साधा और उनके भतीजे नरदेव चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि तुम्हें मंत्री विधायक नहीं बनने देंगे।

चीनी मिल को लेकर चल रहा धरना मंगलवार को 50वें दिन भी जारी रहा। इस धरनास्थल पर एक महिला नुन्ना द्वारा गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण को निशाने पर लेते हुए वाल्मीकि समाज पर अमर्यादित टिप्पणी की थी।

20 सितंबर को सफाई मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष कोसीकलां निवासी गिर्राज वाल्मीकि ने नुन्ना व अन्य चार आंदोलनकारियों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट लिखाते हुए 150 अज्ञात पर भी मुकदमा लिखाया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने बलपूर्वक आंदोलनकारियों को धरनास्थल से हटा दिया।

अगले दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण फिर धरनास्थल पर डट गए। तब गिर्राज वाल्मीकि ने कहा कि वह यदि अमर्यादित टिप्पणी करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह करेंगे। वही गिर्राज सिंह मंगलवार दोपहर अचानक धरनास्थल पर पहुंचे। मंच से कहा कि मैं मुकदमा दर्ज कराने के लिए माफी मांगता हूं। मैं अब मुकदमा वापस ले लूंगा।

कहा कि मैं हनुमान जी का भक्त हूं। जब से मैंने रिपोर्ट लिखाई, मेरी अंतरात्मा गवाही नहीं दे रही थी। मुझे महसूस हुआ कि मुझसे बहुत बड़ा अपराध हो गया है, जिसके कारण मुझे दिन-रात चैन नहीं मिल रहा था। अपने समाज का सिर गर्व से ऊंचा रखने के लिए बिना किसी दबाव के धरने पर आया हूं।

इसके बाद उन्होंने गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण पर निशाना साधते हुए कहा कि आज के बाद मैं आपको सदा के लिए अलविदा कहता हूं। उन्होंने मंच से ही मंत्री के प्रतिनिधि व भतीजे नरदेव चौधरी का समर्थन करते हुए कहा कि नरदेव बड़ी मेहनत और ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं।

जनता नरदेव को मंत्री और विधायक के रूप में देखना चाहती है। लेकिन नरदेव आपके ही मंत्री आपको विधायक नहीं बनने देंगे। नरदेव का नाम लेकर अपील की कि आप भी धरने पर आ जाओ। पूर्व प्रधान जबर सिंह, विक्रम सिंह एडवोकेट, राजपाल सिंह, रामपाल सिंह मौजू रहे।