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मथुरा: Blinkit और Zepto के स्टोर्स पर छापेमारी, वृंदावन में 26 हजार का प्रतिबंधित घी सीज

By Rakesh Kumar Sharma Edited By: Prateek Gupta
Published: Fri, 16 Oct 2026 01:56 PM (GMT+05:30)

खाद्य सुरक्षा विभाग ने मथुरा और वृंदावन में ब्लिंकिट व जैप्टो सहित विभिन्न खाद्य इकाइयों पर छापेमारी की। नवरात्र के ...और पढ़ें

ब्लिंकिट स्टोर पर सामान सीज करते एफएसडीए अधिकारी।

ब्लिंकिट स्टोर पर सामान सीज करते एफएसडीए अधिकारी।

जागरण संवाददाता, मथुरा। नवरात्र पर्व पर श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने क्विक ई-कामर्स प्रतिष्ठानों ब्लिंकिट और जैप्टो समेत विभिन्न खाद्य इकाइयों पर छापेमारी की। इस दौरान वृंदावन से ब्लिंकिट के दो स्टोर्स से 26 हजार रुपये मूल्य का प्रतिबंधित घी सीज किया गया, जबकि कुट्टू के आटे और घी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

जिलाधिकारी सीपी सिंह के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य डा. जतिन कुमार सिंह और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके त्रिपाठी ने खाद्य सचल दल से छापामार कार्रवाई कराई। टीम ने वृंदावन के चैतन्य विहार, सुनरख और राजपुर स्थित ब्लिंकिट प्रतिष्ठानों के साथ डैंपियर नगर और टाउनशिप स्थित ब्लिंकिट तथा गोविंद नगर स्थित जेप्टो का निरीक्षण किया।

सुनरख स्थित ब्लिंकिट स्टोर से 18 हजार रुपये का और राजपुर स्थित ब्लिंकिट स्टोर से आठ हजार रुपये कुल 26 हजार रुपये का प्रतिबंधित घी सीज किया गया। यहां से कुट्टू के आटे और घी के नमूने भी लेकर जांच के लिए भेजे गए। इसके अलावा मथुरा में कालीचरण मिठाई वाले से बादाम मिल्क और छाता स्थित क्रीमबेल इंडस्ट्रीज से आइसक्रीम का नमूना लिया गया।

खाद्य सचल दल में मोहर सिंह कुशवाह, राम नरेश, नेहा सिंह, दिनेश भारती, धर्मेंद्र सिंह खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल रहे। साथ ही होली गेट चौराहे पर खाद्य सचल प्रयोगशाला वाहन के माध्यम से लोगों को खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट तथा उनके घरेलू स्तर पर जांच करने के बारे में जागरूक किया गया।

बिना बीआइएस प्रमाणन नहीं बन सकेगा पैक्ड पानी, पूजा के घी पर भी सख्ती

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उप्र ने आदेश दिए हैं कि अब बिना भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) के प्रमाणन के पैक्ड पेयजल की नई निर्माण इकाइयों को लाइसेंस नहीं मिलेगा। वहीं, पहले से संचालित इकाइयों को 31 मार्च 2027 तक बीआइएस प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर इकाई का संचालन बंद कराकर लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा।

पूजा और हवन के लिए इस्तेमाल होने वाले अखाद्य घी के नाम पर भी सख्ती की गई है। अब मानव उपभोग के योग्य नहीं होने वाले उत्पादों के पैकेट पर ‘घी’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

पैकेट पर लिखना होगा-मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त

लखनऊ से जारी आदेश के मुताबिक पूजा और हवन के लिए तैयार किए जाने वाले अखाद्य तेल या वसा के पैकेट पर हिंदी और अंग्रेजी में स्पष्ट रूप से ‘मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त’ और ‘Not For Human Consumption’ लिखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही पैकेट पर चौकोर वर्ग के भीतर काले रंग का क्रास का निशान भी लगाना होगा।