कोसीकलां(संसू), मथुरा। बुधवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई करने के लिए उतरे दो मजदूरों की मौत हो गई। साथियों की मदद के लिए उतरा तीसरा मजदूर भी बेहोश हो गया। हालत गंभीर होने पर उसे मथुरा भेजा गया है। इस घटना से रामनगर और वाल्मीकि बस्ती में कोहराम मच गया है। घटना गोपाल बाग इलाके के लक्ष्मीनगर की है।

लक्ष्मी नगर निवासी सुरेश भाटिया ने घर पर सेप्टिक टैंक की सफाई का ठेका रामनगर निवासी हरिओम को दिया था। हरिओम ने अपने साथ वाल्मीकि बस्ती निवासी दीपक और रामनगर के विष्णु को काम पर लगा लिया। तीनों दोपहर को सेप्टिक टैंक साफ करने लक्ष्मी नगर पहुंचे। टैंक को पहले मशीन से साफ कर दिया। बाद में रह गए मलबे को निकालने के लिए दीपक टैंक में उतर गया। टैंक में जहरीली गैस की चपेट में आकर दीपक बेहोश हो गया। ऊपर खड़े विष्णु और हरिओम ने उसे आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इस पर विष्णु नीचे उतरा, लेकिन वह भी टैंक में ही बेहोश हो गया। दोनों साथियों की हालत देख हरिओम भी शरीर से रस्सी बांध टैंक में कूद गया। उसकी हालत भी बिगड़ती देख मौजूद लोगों ने उसे तुरंत खींच लिया और उपचार के लिए भेज दिया। इधर, अन्य दोनों मजदूर टैंक में ही फंसे रह गए। पुलिस ने जेसीबी बुलाकर टैंक तुड़वाया और दोनों मजदूरों को बाहर निकाला। उन्हें पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची, वहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। गोपाल बाग चौकी प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि घटना में दो मजदूर विष्णु और दीपक की मौत हो गई है। वहीं हरिओम की हालत गंभीर है। घटना से मचा कोहराम:

मजदूर विष्णु और दीपक के सेप्टिक टैंक में फंसे होने की खबर मिलते ही परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। जब उनको यह जानकारी हुई कि उनकी मौत हो चुकी है तो परिजनों में कोहराम मच गया। बताया गया है कि सेप्टिक टैंक में उतरने से पहले मजदूरों ने सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए थे।

Posted By: Jagran

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