पांच हजार किसानों की पूरी होगी आस, मथुरा में फसल बीमा का रास्ता साफ
मथुरा के पांच हजार किसानों को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान का बीमा जल्द मिलेगा। उनके आवेदन ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, मथुरा। जिले के उन पांच हजार किसानों के लिए राहत की खबर है, जिनकी फसलों में इस वर्ष बेमौसम वर्षा, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ था, उन किसानों के फसल बीमा के आवेदनों को अंतिम रूप देकर शासन को भेज दिया गया है। अब जल्द ही उन्हें उनके नुकसान और रकबे के अनुसार बीमा की धनराशि मिलेगी।
जिले से कुल पांच हजार आवेदनों को दो भागों में शासन को भेजा गया है। इनमें से दो हजार आवेदनों का सत्यापन बीमा कंपनी ने खुद फील्ड में जाकर किया था, जबकि शेष तीन हजार आवेदनों की जांच कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने की है। सभी आवेदनों को अब राज्य सरकार के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है।
इस वर्ष खरीफ सीजन में लगातार हुई वर्षा और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से धान, बाजरा और सब्जी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों ने समय पर अपनी शिकायतें दर्ज कराई थीं। विभाग ने गांव-गांव जाकर क्राप कटिंग और जीपीएस लोकेशन के आधार पर नुकसान का आकलन किया।
अब शासन से स्वीकृति मिलते ही मुआवजे की राशि सीधे किसानों के आधार लिंक बैंक खातों में भेज दी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि मुआवजे की गणना बीमित रकम, नुकसान का प्रतिशत और बोए गए रकबे के आधार पर तय की जाएगी।
तीन दिन पहले हुई बारिश से नुकसान की शिकायत आज तक
जासं, मथुरा: तीन दिन पहले हुई वर्षा से फसल नुकसान की शिकायत दर्ज कराने की अंतिम तिथि 72 घंटे बाद मंगलवार है। किसान 14447 टोल फ्री नंबर पर काल कर अपनी फसल खराब होने की सूचना दे सकते हैं।
अंतिम दिन होने के कारण यह संख्या दो हजार से अधिक होने की उम्मीद है। कृषि विभाग की टीमें बुधवार से खेतों में जाकर नुकसान का सर्वे करेंगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपनी शिकायत में खसरा नंबर, बोई गई फसल और बैंक विवरण सही-सही दर्ज कराएं।
