मथुरा, जासं। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रह्माण्यम स्वामी ने कहा कि हमारे लिए लोकतंत्र आवश्यक है। लोकतंत्र से खिलवाड़ होने पर लोगों को विद्रोह करना होगा। आने वाले बीस सालों में भारत अमेरिका का मुकाबला करेगा। इस बार देश की जनता ने जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र से ऊपर उठकर लोकतंत्र के लिए वोट डाला। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि इस साल राम मंदिर पर काम शुरू हो जाएगा।

सुब्रह्माण्यम स्वामी ने मंगलवार को बीएसए इंजीनियरिग कॉलेज के सभागार में आपातकाल के 44 वर्ष पूरे होने लोकतंत्र रक्षक दिवस के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता थे। उन्होंने कहा कि जैसे हर साल रामायण कथा होती है, वैसे ही आपातकाल की कथा कहने की जरूरत है। इस काम में अप्रवासी भारतीय का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है।

राम मंदिर का जिक्र करते हुए स्वामी ने राम मंदिर पर काम शुरू हो जाने के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा कि उसके बाद मथुरा की बारी है फिर काशी विश्वनाथ। इसे महाभारत के आख्यान से जोड़ते हुए दुर्योधन के समक्ष श्रीकृष्ण के पांच गांवों के प्रस्ताव की तरह तीनों मस्जिदों की मुक्ति को कृष्णा पैकेज का नाम दिया। इशारों में कहा कि मुसलमान तीन की बात मान लें तो चालीस हजार के लिए खतरा नहीं है।

विशिष्ट वक्ता राम बहादुर राय ने कहा कि मोदी के आने के बाद आज कुछ लोग कह रहे है कि संविधान खतरे में हैं। सच यह है कि संविधान को खतरा आपातकाल में हुआ। आपातकाल पर लोकतंत्र की मोहर लगाने के लिए इंदिरा ने चुनाव कराया। इमरजेंसी में संविधान को अंदर से बदल दिया गया, उसकी प्रस्तावना बदली गई। कार्यक्रम में चंद्रभानगुप्त, रामबाबू भाटिया, पूर्व विधायक ठा. चंदन सिंह, भाजपा नगर अध्यक्ष चेतन स्वरूप पाराशर, विनोद टैंटीवाल, राधा किशन खंडेलवाल, वीरेंद्र अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष नगेंद्र सिकरवार आदि थे। संचालन कार्यक्रम के सह संयोजक विजय बहादुर सिंह ने किया।

-आपातकाल में सरदार बन घूमा-

आपातकाल के दौरान अपनी भूमिका की चर्चा करते हुए डॉ. सुब्रह्माण्यम ने कहा कि वह भूमिगत रह सरकार के खिलाफ काम करते रहे। स्वामी ने कहा कि वह सरदार बनकर घूमते थे। नानाजी देशमुख और जय प्रकाश नारायण चाहते थे कि मैं विदेश जाकर विदेशी मीडिया में आपातकाल के सच को दुनिया के सामने लाऊं। यही काम मैंने किया।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप