कोसीकलां(मथुरा), संसू। लोकतंत्र के त्योहार का उत्साह ही कुछ ऐसा था कि उम्र भले ही साथ नहीं दे रही हो लेकिन मतदान करने के जज्बे ने उन्हें ऊर्जावान बना दिया। उन्हें बुढ़ापे की जकड़न और कोई बीमारी नहीं रोक पाई। उन्होंने सब बेड़ियों को पार कर मतदान किया।

कस्बा के गांगवान मुहल्ला की 80 वर्षीय रामदुलारी अपने बेटे रामोतार भार्गव के साथ बूथ पर पहुंची। यहां उन्होंने वोट देने के लिए खूब उतावलापन दिखाया। वोट डालकर वे बेहद खुश नजर आईं। कहती कि उन्होंने कभी भी मतदान करना नहीं छोड़ा।

बल्देवगंज निवासी 82 वर्षीय राधा देवी खंडेलवाल भी पौत्र कुनाल के साथ मतदान करने पहुंचीं। शरीर साथ नहीं दे रहा था लेकिन मतदान का इरादा पक्का था। 90 वर्षीय लक्ष्मीदेवी पर ज्यादा चला फिरा नहीं जाता। वे बेटे राजेंद्र दीक्षित के साथ पहुंची। उन्होंने कहा कि भले ही उम्र ढलान पर है लेकिन मतदान का जज्बा अभी भी नहीं ढला है। वयोवृद्ध रहीशन अपने नवासे अकरम के साथ पहुंची थी। हालत नासाज है लेकिन वोट देने से वे वंचित नहीं रहना चाहतीं थी। उन्होंने जवाहर पार्क स्थित बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। 85 वर्षीय शकुंतला देवी अकेले पहुंची। यहां लोगों ने उन्हें सहयोग किया। कहती हैं मतदान से ही अच्छी सरकार आती है। उम्र की आखिरी दहली•ा, वोट की फिक्र

सुरीर: लोकसभा चुनाव में अशक्त वृद्ध एवं दिव्यांगों ने भी वोट डालने में बढ़-चढ़ कर भाग लिया। कोई कंधा तो कोई गोद में उठकर मतदान केंद्र तक पहुंचा । कस्बा निवासी करीब 99 वर्षीय वृद्धा शांतिदेवी चलने फिरने में अशक्त है। उनकी इच्छा थी कि वह इस चुनाव में अपने वोट का प्रयोग करें। उनकी इच्छा देख पौत्र शैलू उन्हें गोद में उठाकर जमुना प्रसाद श्रीराम इंटर कालेज मतदान केंद्र तक लेकर आया। सुरीर कलां निवासी 90 वर्षीय वृद्ध हरीराम चलने फिरने में असमर्थ हैं लेकिन वोट डालने सहारे से मतदान केंद्र तक पहुंच गए।

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