मथुरा, जासं। सरकारी एंबुलेंस सेवाएं अब ग्रामीण क्षेत्र के बीमार लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। गर्भवती महिलाओं को भी 102 एंबुलेंस नहीं ला पा रही है। विभाग ने इसके लिए अब 108 एंबुलेंस को लगाया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में मोबाइल और कंट्रोल रूम के बीच संपर्क होने में दिक्कतें खड़ी हो रही है।

मोबाइल नेटवर्क गड़बड़ रहने से करीब एक महीने से लखनऊ से संचालित की जा रही 102 और 108 एंबुलेंस सेवा का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। बार-बार कॉल ड्रॉप हो रही है। सर्वाधिक समस्या ग्रामीण क्षेत्रों में बनी हुई है। लोग दोनों एंबुलेंस सेवाओं से संपर्क करते हैं, न मिलने पर इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग में कर रहे हैं। रीजनल मैनेजर मिथिलेश त्रिपाठी ने तीन दिन पहले दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर नेटवर्क की जानकारी की। मालूम हुआ कि बार-बार कॉल ड्रॉप हो रही है। यही कारण है कि एंबुलेंस सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को पूरी तरह से नहीं मिल पा रहा है। प्रोग्राम मैनेजर अजय सिंह का कहना है कि एक महीने से नेटवर्क गड़बड़ कर रहा है। कंट्रोल रूम से 102 नंबर एंबुलेंस की सर्वाधिक कनेक्टविटी नहीं मिल पाती है। 102 सेवा गर्भवती महिलाओं को लाया जाता है, अब इस कार्य के लिए 108 एंबुलेंस सेवा को भी लगाया गया है। फिर भी नेटवर्क गड़बड़ कर रहा है। उन्होंने बताया कि 102 और 108 की 28-28 एंबुलेंस हैं।

Posted By: Jagran

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