जागरण संवाददाता, मथुरा: विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर प्रदीप कुमार हत्याकांड में पुलिस के हाथ 48 घंटे बाद भी कोई अहम सुराग नहीं लग सके हैं। हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए रेंज के तेज तर्रार इंस्पेक्टर और सब सब इंस्पेक्टर भी लगा दिए गए हैं। दो दर्जन से अधिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है, तो कुछ संदिग्ध भी चिह्नित किए गए हैं, लेकिन अब तक कोई ऐसा सुराग हाथ नहीं लगा, जिससे हत्यारों तक पहुंचा जा सके।

पानीगांव सब स्टेशन पर तैनात जूनियर इंजीनियर प्रदीप कुमार की गुरुवार रात ड्यूटी से लौटते समय गोलीमार कर हत्या कर दी गई थी। दो गोलियां उन्हें 315 बोर के तमंचा से मारी गईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस का मानना है कि गोलियां डबल बैरल के तमंचे से मारी गई हैं। दोनों गोलियां पेट में पास-पास ही लगी हैं। दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे आइजी ए सतीश गणेश भी थाना जमुनापार पहुंचे। आइजी ने एसएसपी शलभ माथुर और एसपी सिटी अशोक कुमार मीणा के साथ प्रगति की समीक्षा की। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दस पुलिस टीमों की अब तक की जांच में किसी से रंजिश या फिर पारिवारिक विवाद सामने नहीं आया है। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी भी खंगाले गए हैं, लेकिन उनसे भी कोई तथ्य हाथ नहीं लगा। एसएसपी ने बताया कि दो दर्जन से अधिक से लोगों से अब तक पूछताछ की जा चुकी है। कुछ संदिग्ध लोगों को चिह्नित किया गया है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि जल्द ही हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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