मथुरा: पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज का मथुरा से खास लगाव रहा। उन्होंने तीन बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर यहीं रहकर व्रत खोला तो एक बार गोवर्धन पूजा और दीपावली भी यहीं मनाई। सऊदी अरब में बंधक बना लिए गए भैंसा गांव के वीरेंद्र बघेल को तो उन्होंने विदेश मंत्री रहते सकुशल निकलवाया। एक बार उन्होंने अपनी निधि की रकम मथुरा के विकास पर भी व्यय की। अपने जीवन काल में वह एक दर्जन से ज्यादा बार मथुरा आई।

पिछले लोकसभा चुनाव में वह पार्टी प्रत्याशी हेमा मालिनी के लिए श्रीजी बाबा आश्रम में आयोजित महिला मोर्चा के कार्यक्रम में अंतिम बार आई। करीब दो साल पहले उन्होंने सांसद हेमा के आग्रह पर वृंदावन को पासपोर्ट आफिस दिया। पिछले साल तो विदेश मंत्री रहते हुए वह गांव भैंसा के वीरेंद्र बघेल को सऊदी अरब से सकुशल भारत लाने में सफल रही। वीरेंद्र के भाई फतेह सिंह सुषमा स्वराज के मुंहबोले भाई और स्थानीय भाजपा नेता सतीश शर्मा की मदद से उन तक पहुंचे थे। वीरेंद्र को वहां बंधक बना लिया गया था और फिरौती मांगी जा रही थी। जागरण ने इस मामले में मुहिम भी चलाई थी।

वह स्थानीय भाजपा नेता सतीश शर्मा को राखी बांधती थी और सन 97 से अब तक नौ बार उनके आवास आई। सतीश शर्मा ने मांट का ब्लाक प्रमुख रहते उनकी निधि के 1.80 करोड़ की राशि मथुरा में लगवाई। इस राशि से गोवर्धन-मथुरा में सड़क, सरस्वती शिशु मंदिरों में विकास कार्य कराए गए। तब वह राज्यसभा सदस्य हुआ करती थी।

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री रहते हुए उन्होंने जन्माष्टमी सतीश शर्मा के घर पर ही मनाई और व्रत खोला। वह सबसे पहले सन 77 में मथुरा में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ आई थी। तब वह सुभाष नगर स्थित समाजवादी नेता ठा. जुगेंद्र सिंह के आवास गई और यहां बैठक भी हुई थी।

विधायक कारिदा सिंह और पूर्व पालिकाध्यक्ष वीरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि वह अति मिलनसार, सुलझी हुई और सबकी मदद करने वाली नेता के तौर पर हमेशा जानी जाएंगी।

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