जागरण संवाददाता, वृंदावन: दीपोत्सव की श्रंखला में दूसरे दिन शहर के मंदिर, मठ और आश्रमों के साथ घर-घर में अन्नकूट उत्सव मनाया गया। सुबह ठाकुरजी को अन्नकूट में छप्पन प्रकार के व्यंजन परोसे तो शाम को गोबर के गिरिराज का पूजन कर ब्रजवासियों ने परिक्रमा की। इस्कॉन मंदिर समेत प्राचीन सप्त देवालयों में अन्नकूट उत्सव बड़े ही उल्लासपूर्वक मनाया गया। देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने भगवान को भोग लगाया और नाम संकीर्तन पर नृत्य किया।

इस्कॉन मंदिर में गुरुवार की सुबह विदेशी भक्तों में उत्साह अलग ही नजर आया। मंदिर में अन्नकूट उत्सव के लिए बीच आंगन में अन्न का बड़ा पर्वत बनाया। उस पर हलवा और दूसरे व्यंजनों से गिरिराजजी की प्रतिमा बनाकर उसकी परिक्रमा की। दूध से बनी नदियों के साथ राधाकुंड और श्यामकुंड के दर्शन भी सुंदर झांकी में कराए गए। इस्कॉन मंदिर में अन्नकूट के इस विहंगम ²श्य को देखने के लिए करीब 120 देशों के श्रद्धालुओं ने आनंद लिया।

विदेशी श्रद्धालुओं ने श्रील प्रभुपाद के नाम संकीर्तन की धुन पर नृत्य भी किया। इस्कॉन के अलावा राधा दामोदर, राधारमण, राधा श्यामसुंदर, राधा गो¨वद देव, गोपीनाथ, मदन मोहन व शाहजी मंदिर में ठाकुरजी को अन्नकूट भोग परोसा गया। शाम को बंटा प्रसाद:

दोपहर में अन्नकूट के दर्शन के बार शाम को भक्तों को प्रसाद बांटा गया। इस्कॉन मंदिर में विदेशी कृष्ण भक्त अन्नकूट प्रसाद लेने के लिए उत्सुक दिखाई दिए तो अन्य मंदिरों में भी प्रसाद पाने को भीड़ टूट पड़ी। शाम को हुई गिरिराज पूजा:

मंदिर, आश्रम और घरों में गुरुवार की शाम गाय के गोबर से गिरिराजजी की झांकी बनाई गई और उसकी पूजा कर भक्तों ने परिक्रमा की। इस मौके पर ब्रजवासियों ने आतिशबाजी भी चलाई।

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