संसू, गोवर्धन: आस्था के पर्वत से छेड़छाड़ करना राजस्थान प्रशासन को भारी पड़ता दिख रहा है। भावनाओं को आहत करते हुए गोवर्धन परिक्रमा के पूंछरी के लौठा के समीप स्वागत द्वार के नाम पर किए गए गड्ढे के कारण कई शिलाएं प्रभावित हुई हैं। गोवर्धन परिक्रमा संरक्षण की याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने भरतपुर प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए, शिलाओं को पर्वत पर स्थापित करने के लिए कहा है। प्रकरण की जांच करने के लिए एक कमीशन गठित किया है, जो गुरुवार को जांच करने आएगा।

बुधवार को गोवर्धन परिक्रमा संरक्षण संगठन के अध्यक्ष आनंद गोपाल दास की याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने भरतपुर प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। दरअसल एनजीटी ने 21 किमी परिक्रमा मार्ग को नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित कर रखा है। इसके बावजूद भरतपुर प्रशासन द्वारा पूंछरी के लौठा पर स्वागत द्वार बनाने के लिए जेसीबी से गड्ढा खोदा गया। जिससे कई शिलाएं प्रभावित हुई। एनजीटी ने कार्य को अंजाम दे रहे कांट्रेक्टर योगेश चौधरी से भी रिपोर्ट मांगी है। इसकी जांच के लिए एक कमीशन भी गठित किया गया है जो गुरुवार को घटना स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगा। अगली सुनवाई शुक्रवार को होनी है। विजय ¨सह, राजेश, अमित तथा तमाम संतों ने सिर्फ गोवर्धन पर्वत के संरक्षण के लिए अलग व्यवस्था की मांग की है।

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