जागरण संवाददाता, मथुरा: थाना बरसाना के गांव जानू के पास बीती रात पुलिस और स्वाट टीम की इनामी बदमाश जमशेद से मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से चली गोली में स्वाट टीम का एसआइ सीने में गोली लगने से घायल हो गया। बदमाश के भी पैर में गोली लगी लेकिन वह भाग निकला। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।

रविवार रात पुलिस को छह राज्यों में वांछित और कोसीकलां इलाके में चार हत्याओं के मामले में फरार चल रहे 25 हजार के इनामी शातिर अपराधी जमशेद खां निवासी विशंभरा और अन्य बदमाशों के गांव जानू के पास रुके होने की सूचना मिली। इस पर बरसाना, गोवर्धन, कोसीकलां और स्वाट टीम ने करीब 12 बजे गांव जानू निवासी महेश के खेत में बने ट्यूबवेल के दो मंजिला कमरे की घेराबंदी कर दी। कमरे का मुख्य गेट भी बाहर से बंद कर दिया। आहट लगते ही बदमाशों ने पुलिस पर फाय¨रग शुरू कर दी। जमशेद ऊपर के कमरे से पुलिस पर फायर कर रहा था। बदमाश और पुलिस के बीच रुक-रुककर करीब तीन घंटे फाय¨रग होती रही। इस दौरान करीब 100 राउंड गोलियां चलीं। स्वाट टीम के एसआइ सुल्तान सिंह दो सिपाहियों के साथ पीछे की तरफ से फायर कर रहे थे। घिरता देख जमशेद पीछे वाले गेट से नीचे कूद गया। सुल्तान ने जमशेद पर दो बार फायर किए, लेकिन वह बच निकला। उसने सुल्तान पर फायर किया, गोली एसआइ के सीने में लगी, वे घायल होकर गिर पड़े। मौके का फायदा उठाकर जमशेद भाग निकला। पुलिस टीम के मुताबिक बदमाशों की संख्या दो थी। घटनास्थल पर मिले खून से पुलिस अनुमान लगा रही है कि जमशेद के पैर में गोली लगी है। घायल एसआइ सुल्तान को नयति अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएसपी स्वप्निल ममगाई, एसपी सिटी श्रवण कुमार आदि अधिकारियों ने पहुंचकर उनका हाल जाना। पुलिस ने इस मामले में महेश पुत्र छिद्दा निवासी जानू थाना बरसाना को गिरफ्तार किया है। उस पर जमशेद को शरण देने का आरोप है। घटनास्थल से पुलिस को 12 बोर की बंदूक, 12 ¨जदा कारतूस व 12 खोखे मिले हैं।

बताया गया है कि जमशेद कई दिनों से अपने साथियों से साथ यहां छिपा था। जमशेद हारुन गैंग का सबसे शातिर अपराधी है। इस पर दिल्ली, हरियाणा, उप्र, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, झारखंड से पुलिस द्वारा इनाम घोषित है। वर्ष 2014 में थाना कोसीकलां क्षेत्र में हुई चार हत्याओं में भी वह आरोपी है। इस मामले में 11 आरोपियों के नाम सामने आए थे।

मोबाइल ने बचा ली दारोगा की जान

बरसाना: घायल दारोगा की जान मोबाइल के कारण बच गई। मुठभेड़ से कुछ देर पहले ही दारोगा सुल्तान ¨सह ने पैंट से निकालकर मोबाइल ऊपर की जेब में रख लिया था। शातिर अपराधी की गोली सुल्तान ¨सह के ठीक उसी जगह लगी जहां मोबाइल रखा था। मोबाइल फोन ने गोली के प्रेशर को कम कर दिया।

By Jagran