संवाद सूत्र, मथुरा : जिदगी जीने की जिद्दोजहद में तीन युवक 384 किमी के सफर की जंग जीतने पैदल ही निकल पड़े। जयपुर से बदायूं अपने घर की दूरी इस तपती दुपहरी में ही लांघने को चल दिए। बुधवार को पारा 47 डिग्री सेल्सियस था, तवे सी धरती तप रही थी, तब ये तीनों युवक जिंदगी की गाड़ी खींचने के लिए पैदल ही चल रहे थे। उम्मीद ये कि जैसे-तैसे घर पहुंच ही जाएंगे।

बदायूं जिले के बरचऊ गांव निवासी रिकू, डब्लू और सरजू जयपुर में एक बेकरी कंपनी में काम करते हैं। लॉकडाउन में बेकरी बंद हो गई। तब से तीनों युवक वहीं फंसे थे। कंपनी में ही इनके रहने और खाने का इंतजाम कंपनी मालिक ने कर दिया था। ये भी इस उम्मीद में रहते रहे कि लॉकडाउन जल्द खुलेगा, लेकिन घर से इतनी दूर जब भविष्य की चिता सताई तो पैदल ही जयपुर से बदायूं तक की दूरी नापने की ठान ली। मंगलवार सुबह करीब तीन बजे तीनों पैदल चले। जयपुर में रास्ते भर वाहन का इंतजाम नहीं हो सका। तेज धूप ने बेदम किया और कंठ सूखने लगा, लेकिन देहरी पर पहुंचने की उम्मीद में चलते रहे। बुधवार शाम जमुनापार लक्ष्मी नगर युवक पहुंच गए। रिकू सिंह ने बताया कि उन्हें दस हजार रुपये हर माह पगार मिलती है, तो डब्लू और सरजू को 8-8 हजार रुपये मिलते हैं। अब कब लौटकर जाएंगे, ये पता नहीं है। सरजू ने बताया कि कब तक वहां रहते। घर पहुंचने के बाद ही तय करेंगे कि क्या करना है। रिकू की शादी भी 15 जून को है।

Posted By: Jagran

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