विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'आईआईटियन बाबा' के प्रभाव से कई युवतियों ने छोड़ दी थी नौकरी, वैज्ञानिक नजरिया देख जुड़ जाते थे युवा

Published: Thu, 04 Jun 2026 05:30 AM (IST)Updated: Thu, 04 Jun 2026 07:12 AM (IST)

आईआईटी रुड़की से पढ़े अभिषेक मिश्रा, जो खुद को आदिकर्ता नारायण दास कहते थे, मथुरा में गिरफ्तार हुए हैं। उन ...और पढ़ें

'आईआईटियन बाबा' के प्रभाव में कई युवतियों ने छोड़ दी थी नौकरी।

'आईआईटियन बाबा' के प्रभाव में कई युवतियों ने छोड़ दी थी नौकरी।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, मथुरा। आश्रम में आईआईटियन बाबा अभिषेक मिश्रा का रंग पूरी तरह कृष्णमय हो जाता था। वह ढोलक बजाता, भजन गाता और प्रवचन करता। वह कृष्ण से साक्षात्कार कराने का झांसा भी देता था। उसका प्रभाव इस कदर था कि कई युवतियां तो निजी कंपनियों की अच्छी खासी नौकरी छोड़कर गोवर्धन में ही रहने लगी थीं। कई युवतियां महीनों तक आश्रम में रहती थीं।

बाबा ने आईआईटी की बैकग्राउंड का बखूबी उपयोग किया। वह बोलने से पहले अध्ययन करता था। आवश्यकता होने पर वैज्ञानिक नजरिया भी जोड़ता था। इससे प्रभावित होकर युवा जल्द उसके शिष्य बन जाते थे।

बाबा के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की भनक लगते ही कई युवक-युवतियां मंगलवार को ही गोवर्धन से चले गए। एक युवती की शिकायत पर बाबा को गिरफ्तार किया गया था। मूलरूप से भुवनेश्वर निवासी अभिषेक मिश्रा ने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियर की डिग्री ली थी।

दो वर्ष तक नौकरी की। 2023 में संन्यास ले लिया और अपना नाम आदिकर्ता नारायण दास रख लिया। राधाकुंड में आश्रम बनाया। उसने इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवक-युवतियों में अच्छा नेटवर्क खड़ा किया। उसका बोलने का तरीका प्रभावी था। युवाओं को बाबा के प्रवचन, वीडियो और ऑनलाइन बैठकों से जोड़ा जाता था।

युवाओं को विश्वास दिलाने की कोशिश रहती थी कि अभिषेक दिव्य शक्तियों के स्वामी है। वह कलयुग के कृष्णावतार हैं। पुलिस जांच के अनुसार जो युवतियां शुरुआत में बाबा के शिष्यों के दावों पर विश्वास नहीं करती थीं, उन्हें लगातार संवाद और तथाकथित आध्यात्मिक तर्कों के माध्यम से प्रभावित किया जाता था।

यह भी पढ़ें- IIT बाबा का फंसाने का तरीका, खुद को दिव्य शक्ति अवतार बताया; टेलीग्राम पर मैसेज कर 24 युवतियाें को फंसाया जाल में

यह भी पढ़ें- खुद को श्रीकृष्ण का अवतार बता युवतियों से गंधर्व विवाह रचाता था फर्जी साधु, IIT रुड़की से किया है बीटेक