संवाद सहयोगी, वृंदावन: गुरुपूर्णिमा पर्व पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर में वाहनों की एंट्री भले ही बंद कर दी हो, लेकिन आटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से शहर में जगह-जगह जाम के हालात बनते रहे। वाहनों की एंट्री बंद होने के बावजूद प्राचीन और नए आश्रम में भक्तों की भीड़ ने डेरा डालना शुरू कर दिया है। भक्तों की भीड़ से आश्रम गुलजार हो रहे हैं, तो मंदिरों में भी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में शुक्रवार को इजाफा हो गया। शनिवार को गुरुपूर्णिमा पर्व पर आश्रम और मठों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोविड की गाइड लाइन का पालन कराने का दावा आश्रमों द्वारा किया जा रहा है।

गुरुपूर्णिमा पर्व पर साधकों की नगरी वृंदावन श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार होगा। कोरोनाकाल में पिछले साल उत्सव पर श्रद्धालुओं को एंट्री नहीं मिल सकी थी, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं को एंट्री मिलने के कारण आश्रम और मठों में भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। प्राचीन आश्रमों के साथ नए आश्रमों में कमरे श्रद्धालुओं के लिए तैयार किए फुल हो चुके हैं। मंदिरों में भीड़ नजर आ रही है। शहर में यातायात व्यवस्था के साथ कोविड की गाइड लाइन का पालन कराया जा सके। इसके लिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं के वाहनों की एंट्री शुक्रवार की सुबह से ही बंद कर दी। शहर के प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिग कर पुलिस ने वाहनों को शहर के बाहर ही पार्किंग में खड़ा कराया। यहां से श्रद्धालु ई-रिक्शा और आटो की मदद से अपने गंतव्य तक पहुंचे हैं। शहर में भले ही वाहनों का प्रवेश न हुआ हो, लेकिन ई-रिक्शा और आटो चालकों की मनमानी ने श्रद्धालुओं को आहत करके रख दिया। हर तिराहा-चौराहा पर सवारियां भरने के लिए जाम लगाकर खड़े ई-रिक्शा और आटो चालकों से दिनभर श्रद्धालुओं की झड़प होती रही।

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