मथुरा, जासं। राजस्थान के गुर्जर आंदोलन के चलते सड़क और रेल यातायात प्रभावित है। दिल्ली-मुंबई मार्गों से गुजरने वाली अधिकांश ट्रेन रद रहीं। जयपुर की तरफ जाने वाली बसों का भी संचालन रोक दिया गया है। इससे राजस्थान की तरफ जाने वाले यात्री परेशान है। प्रतिदिन करीब चार हजार यात्री राजस्थान की यात्रा करते हैं। आंदोलन का असर सराफा कारोबार भी पड़ रहा है। खाद्य पदार्थ की सप्लाई पर अधिक असर नहीं पड़ रहा है।

आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जरों ने राजस्थान में मथुरा-कोटा और जयपुर मार्ग पर कब्जा कर लिया है। तीन दिन से आंदोलनकारी मार्गों पर जमे हुए हैं। रेल और बस का राजस्थान की तरफ नहीं जा पा रही है। राजस्थान और यूपी रोडवेज की करीब डेढ़ दर्जन बस संचालित होती हैं। बसों से करीब दो से ढाई हजार यात्री सफर राजस्थान की तरफ जाते हैं, इतने ही ट्रेन से गुजरते हैं। मुंबई जाने वाले यात्री आगरा की तरफ होकर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। आंदोलन के कारण जंक्शन और नए बस स्टैंड पर यात्रियों में भी अफरा-तफरी का माहौल बना रहता है। यह ट्रेनें रहीं रद

अपरूट की अगस्त क्रांति, गुजरात संपर्क क्रांति, पटना-कोटा, जनता, जन शताब्दी, उज्जैनी और डाउन की गुजरात संपर्क क्रांति, अगस्त क्रांति, जनता, जनशताब्दी, इंदौर जम्बूतवी, मथुरा-अलवर पैसेंजर रद रही। वहीं अपरूट की गोल्डन टेंपल भी मथुरा नहीं आई। यह ट्रेन रेबाड़ी होकर चलाई गई। अभी तक छह लाख रुपये से अधिक आरक्षण हुए रद

आंदोलन के कारण मंगलवार को 429 आरक्षण दो लाख 975 रुपये के रद हुए। अभी तक 1383 आरक्षण छह लाख 69 हजार 715 रुपये के आरक्षण रद हुए हैं। सराफा व्यवसाय पर पड़ रहा असर

श्री सराफा कमेटी के पूर्व महामंत्री योगेश जौली ने बताया कि मथुरा से सोने-चांदी का माल राजस्थान, मुंबई तक जाता है। आंदोलन के कारण करीब एक करोड़ रुपये प्रतिदिन का कारोबार प्रभावित हो रहा है। अभी तो शुरुआत है, यदि आंदोलन लंबा चलता है तो यह असर और अधिक हो जाएगा। खाद्य पदार्थ व्यवसाई समिति के महामंत्री छलनलाल खंडेलवाल ने बताया कि राजस्थान की तरफ से दाल, तेल, बूरा और किराना का सामान आता है। जो अब नहीं आ पा रहा है।

Posted By: Jagran

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