संस, मथुरा : राजकीय विद्यालयों की अब सूरत संवरेगी। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत भवनों का पुनर्निर्माण व सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विद्यालयों की कमियां चिन्हित करने के लिए प्रत्येक तहसील में एसडीएम के नेतृत्व में कमेटी गठित कर दी गई है। यह कमेटी विद्यालयों की स्थिति की रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी।

राजकीय विद्यालयों में सुविधा उपलब्ध न होने से छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए बेहतर वातावरण नहीं मिल पा रहा है। सरकार द्वारा शिक्षण कार्य को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राजकीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए सरकार गंभीर हुई है। इन विद्यालयों में सुविधाएं विकसित की जाएंगी। भवनों की मरम्मत की जाएगी। पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, रंगाई-पुताई का कार्य कराया जाएगा। खेल मैदान की जानकारी की जाएगी। जिले में 36 राजकीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों को चिन्हित करने के लिए प्रत्येक तहसील में टीम गठित की गई है। टीम में तहसीलदार, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, एक शिक्षा विभाग का अधिकारी रखे गए हैं। टीमें राजकीय विद्यालयों के भवनों का निरीक्षण कर विद्यालयों के आवश्यक कार्य चिन्हित करेंगी। टीमों को 20 अक्टूबर तक रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी। इस निरीक्षण के बाद रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा को भेजी जाएगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक डा.राजेंद्र सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत राजकीय विद्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा है। इन विद्यालयों की कायाकल्प की जाएगी। तहसीलों में विद्यालय की संख्या

मथुरा में सात, गोवर्धन में चार, छाता में सात, महावन में छह, मांट में नौ विद्यालयों का निरीक्षण कर कमियां चिन्हित की जाएंगी।

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