गोवर्धन(मथुरा), संसू। सोमवार को प्रस्तावित सुनवाई के दौरान एनजीटी के कोप से बचने के लिए जिला प्रशासन ने गोवर्धन में व्यवस्थाओं के लिए कुछ ठोस कदम उठाए हैं। इनका क्रियान्वयन ठीक से हो तो परिक्रमार्थियों को राहत मिल सकती है। प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग में डीजे बजाने और भंडारे लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध का ऐलान किया है। ई-रिक्शा चलेंगे या नहीं, इस पर कमेटी 15 दिन में फैसला लेगी।

शासन के स्थायी अधिवक्ता अमित तिवारी ने शुक्रवार को गोवर्धन के निरीक्षण के बाद डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपी और ठोस उपाय करने को कहा। देर शाम डीएम सर्वज्ञराम मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में में फैसला लिया गया कि परिक्रमा मार्ग में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। अगर कोई डीजे बजाता हुआ मिलता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। परिक्रमार्थियों को भोजन बांटने वाले भंडारों को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।

दानघाटी मंदिर के ईटीपी प्लांट से उठती दुर्गंध को रोकने के लिए प्लांट के वेस्ट को सीवर में डाला जाएगा। ई रिक्शा संचालन पर फैसले के लिए एसपी देहात, सीओ, एसडीएम और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी की टीम गठित की गई है, जो पंद्रह दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। अतिक्रमण चिह्नित करने के लिए वन विभाग, पुलिस और नायब तहसीलदार की टीम गठित की गई है।

गोवर्धन के सभी प्रवेश मार्गों पर पुलिस तैनात रहेगी। एसएसपी ने अभी तैनात पुलिस कर्मियों के अलावा करीब दो दर्जन पुलिसकर्मी और दिए हैं।

दरअसल राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में सोमवार को सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी, एसएसपी और एसडीएम को तलब किया गया है, लिहाजा स्थायी अधिवक्ता के निरीक्षण के तत्काल बाद उक्त फैसले लिए गए हैं। गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने कहा है कि फैसलों पर अमल होना जरूरी है, जो अब तक कागजी ही रहा है।

Posted By: Jagran

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