गगन पाटिल, मथुरा: सोना-चांदी के लगातार बढ़ रहे दामों ने बाजार को वेट एंड वॉच मोड में ला खड़ा कर दिया है। निवेशक कीमतें घटने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि जरूरतमंद मार्केट से लगभग नदारद हैं। वहीं, पुराने सोने को नए में ढलवाने वाले जरूर कुछ लोगों का आवागमन बना हुआ है।

पिछले लगभग एक माह से धातुओं की कीमतें रथ पर सवार हैं। 32 हजार रुपये से शुरू हुआ सोना सोमवार को 40 हजार रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंचा, जबकि चांदी 46 हजार रुपये किलोग्राम तक पहुंच गई। संकेत है कि यह कीमतें और उछाल मारेंगी। इन सबके बावजूद बाजार असमंजस की स्थिति में ही खड़ा है। सराफा कारोबारी बताते हैं कि बाजार सेंटीमेंटस पर चलता है। मगर, इस समय यह ठीक से बन नहीं पा रहे हैं। निवेशक इसलिए निवेश नहीं कर रहे, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि यह खरीदारी का सही समय नहीं है। कीमतें गिरनी चाहिए। जबकि वास्तविक जरूरतमंद कीमतें कम होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, जिनके पास पहले का सोना तिजोरी में पड़ा और उन्हें नए की जरूरत भी है, वे पुराने को नए में ढलवाना पसंद कर रहे हैं। इन सारे समीकरणों ने वेट एंड वॉच की स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि मौजूदा कीमतों में निवेश करना सही साबित हो सकता है क्योंकि आगे चलकर दामों में तेजी से इजाफा होना तय माना जा रहा है। विशेषकर गोल्ड आगे चलकर 43 हजार रुपये के पार जा सकता है।

सराफा बाजार की स्थिति असमंजस में पहुंच चुकी है। हालांकि कीमतों में जरूर वृद्धि है, लेकिन निवेश किया जा सकता है क्योंकि आगे चलकर मूल्य और बढ़ने के संकेत हैं।

माधव अग्रवाल, कोषदा ज्वेलर्स पता नहीं मार्केट को क्या हो गया है। जो ग्राहक इस समय मौजूद हैं, वे पुराने के बदले नया लेने वाले हैं। निवेशकों ने दूरी बनाई हुई हैं। कुल मिलाकर वेट एंड वॉच की स्थिति बनी हुई है।

लोकेश अग्रवाल, समृद्धि ज्वेलर्स

Posted By: Jagran

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