जागरण संवाददाता, मथुरा : गणपति बप्पा मोरया..। कृष्ण नगरी में यह शोर गुरुवार से तेज हो जाएगा। गणेश चतुर्थी को लेकर पंडाल सज गए हैं। बप्पा की छोटी-बड़ी मूर्तियों की दुकानें तैयार हैं। कुछ मूर्तियों को कलाकार अंतिम रूप देने में लगे हैं।

गणेश चतुर्थी मुख्य रूप से महाराष्ट्र में मनाई जाती है। हाल के कुछ वर्षों से यहां भी इसका चलन बढ़ा है। स्थापना से विसर्जन तक धार्मिक आयोजनों की धूम रहती है। पर्व को लेकर पंडाल सज गए हैं। जिले में कुछ जगह भव्य आयोजन होते हैं। इनमें प्रमुख नाम वृंदावन का आता है। यहां गणेश की बड़ी मूर्ति स्थापित की जाती है। मथुरा में गणेश टीले पर प्राचीन मंदिर में धार्मिक आयोजन होता है। पार्षद मनोज सक्सेना बताते हैं कि सदर बाजार और नगर निगम के निकट भी कार्यक्रम होते हैं। वहीं, गो¨वद नगर स्थित श्री राधा पार्क में पंडाल सज चुका है। मित्र मंडली का यह दूसरा आयोजन होगा। कोलकाता की मूर्तियां : अंबाखार में मूर्तियों का बड़ा काम होता है। यहां रहने वाले करीब 15 परिवारों की आजीविका इसी से जुड़ी है। मूर्तिकार रामकिशोर बताते हैं कि पीओपी से बनी प्रतिमाएं यमुना को प्रदूषित करती है। इसलिए वह कोलकाता की मिट्टी से बनी मूर्तियां ही बेचते हैं। इनकी कीमत 200 रुपये से शुरू होती है। मूर्तिकार राकेश कुमार बताते हैं कि एक माह पहले से मूर्तियां बननी शुरू हो जाती हैं। त्योहार से एक-दो दिन पहले ही खरीदारी बढ़ती है।

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