जागरण संवाददाता, मथुरा: कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग चाक चौबंद व्यवस्था करने में जुटा हुआ है। जिले में पांच आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिनमें से एक ने काम करना शुरू कर दिया है। इन सभी प्लांट से तीन हजार लीटर प्रति मिनट के हिसाब से आक्सीजन गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा सौ से अधिक पीकू के बेड तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा 1360 आइसोलेट, आइसीयू और नार्मल बेड तैयार है।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने मार्च के समापन के साथ ही दस्तक दे दी थी। दूसरी लहर में मरीजों को सबसे अधिक आक्सीजन गैस के लिए परेशान होना पड़ा था। यह भी कहा जा सकता है कि आक्सीजन गैस की कमी से हालत बेकाबू हो गए थे। हास्पिटलों में बेड फुल चल रहे थे। घर-घर में कोरोना संक्रमित मरीज थे। लोगों ने आक्सीजन का एक-एक सिलेंडर के लिए पांच से दस हजार रुपये तक चुकाए थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। वृंदावन के सौ शैय्या हास्पिटल में आक्सीजन प्लांट चालू हो गया है। जिला अस्पताल में लग चुका है, एक दो दिन में काम करना शुरू कर देगा। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में लगने वाले पांच प्लांट ही प्रति मिनट तीन हजार लीटर आक्सीजन मुहैया कराएंगे। जिम्मेदारों ने दूसरी लहर के बाद जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, वृंदावन सौ शैय्या अस्पताल, कोसीकलां और सौनाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आक्सीजन प्लांट लगवाने का काम शुरू कर दिया है। अब ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आक्सीजन के लिए शहर तक नहीं दौड़ना होगा। - तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी मरीजों के लिए तैयार :

तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए वृंदावन के सौ शैय्या अस्पताल के अलावा कोसीकलां सीएचसी और सौनाई सीएचसी पर भी 50-50 बेड के वार्ड तैयार कर दिए गए हैं। इनमें से 12-12 पीकू बेड हैं। इसके अलावा जिला महिला अस्पताल में 40 बेड का एक पीकू वार्ड बन रहा है, जिसे सांसद हेमा मालिनी अपनी निधि से तैयार करा रही है। - 7.42 लाख लोगों को लगाया जा चुका है टीका :

जिले में कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए टीकाकरण भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। अभी तक 7.42 लाख लोगों को कोविड-19 टीका लगाया जा चुका है। इनमें 1.19 लाख ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनको दोनों टीका लग चुके हैं। बताते चले कि जिले में कुल 17.50 लाख लोगों को कोविड-19 का टीका लगाया जाना है। - इस तरह है बेड की व्यवस्था-

1360 जिले में हैं कुल बेड की संख्या

350 आइसीयू बेड हैं।

920 आइसोलेशन बेड हैं।

90 आक्सीजन बेड हैं।

100 बेड बच्चों के लिए तैयार किए गए हैं अलग से।

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- वर्जन -

तीसरी लहर से निपटने की पूरी तैयारी है। मरीजों को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। हमारे यहां पांच सरकारी अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा निजी हास्पिटलों में भी आक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। करीब सौ पीकू बेड तैयार किए जा रहे हैं। जिले में टीकाकरण भी तेजी से कराया जा रहा है।

डा. रचना गुप्ता, सीएमओ

Edited By: Jagran