जागरण टीम, मथुरा: नए कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने और फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने की मांग को लेकर सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद का बाजारों में कोई असर नहीं रहा। किसान संगठनों ने बलदेव, राया, मांट और बाजना में प्रदर्शन कर चक्का जाम किया। हाथरस, अलीगढ़, नौहझील और सादाबाद मार्ग पर एक घंटे से अधिक यातायात प्रभावित रहा। वामपंथी संगठनों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर किसानों की मांग का समर्थन किया। आंदोलन को पुलिस और प्रशासन सुबह से अलर्ट रहा। यमुना एक्सप्रेस वे के ऊपर चढ़ने की कोशिश कर रहे किसानों को पुलिस ने रोक दिया।

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने राया में व्यापारियों से दुकानें बंद करने की मांग की, लेकिन दुकानें खुली रहीं। जिलाध्यक्ष देवेंद्र रघुवंशी की अगुवाई में संगठन के कार्यकर्ताओं ने राया कट से एक्सप्रेस वे के ऊपर चढ़ने का प्रयास किया। यहां पहले से फोर्स के साथ मौजूद एसपी देहात श्रीश्चंद्र और एसडीएम महावन कृष्णानंद तिवारी ने रोक दिया। किसान एक्सप्रेस वे के पुल के नीचे धरने पर बैठ गए। इससे मथुरा और राया के बीच यातायात ठप हो गया। एक घंटे तक किसान धरने पर बैठे रहे। प्रदेश उपाध्यक्ष बुद्धा सिंह प्रधान, मंडल अध्यक्ष गजेंद्र सिंह परिहार, चंद्रभान, रोहिताश ने कहा, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने एसपी देहात और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। पवन चतुर्वेदी, पवन सिंह, चुनमुन सिंह, मुकेश चौधरी, रामवीर सिंह, रोहिताश सिंह,धीरी सिंह, बलदेव सिंह,ऋषि सिंह, सोनू, लक्ष्मण सिंह, रोविन सिंह, ओमवीर सिंह, रवि सिंह आंदोलन में शामिल हुए।

भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर के नेतृत्व में हनुमान चौराहा और अवैरनी चौराहा तक पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च कर व्यापारियों से समर्थन मांगा। इक्का-दुक्का व्यापारी ने दुकानों को बंद किया, बाद में खोल लीं। नरहौली चौराहे पर किसानों ने ट्रैक्टर, मैक्स पिकअप और अन्य वाहन खड़े कर जाम लगा दिया। मथुरा-सादाबाद और राया मार्ग पर वाहनों की कतार लग गईं। करीब दो घंटे तक किसानों ने प्रदर्शन किया। एसडीएम महावन कृष्णा नंद तिवारी, सीओ महावन रविकांत पाराशर और इंस्पेक्टर बलदेव नरेंद्र यादव पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। मंडलाध्यक्ष लेखराज सिंह पहलवान और जिलाध्यक्ष ने कहा, किसान अपनी मांगों को लेकर पिछले दस महीने से बार्डर पर धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों की एक बात सुनने को तैयार नहीं है। राष्ट्रीय सचिव बिल्ला नेता, उदयवीर सिंह सरपंच, अवधेश सिंह रावत, हरपाल प्रधान, भूपेंद्र चौधरी, जगदीश शर्मा, साधु प्रधान, पंकज उर्फ लाला प्रधान, नंद कुमार उपाध्याय, हरीश गौतम, अमर सिंह सूबेदार, छोटू हलवाई ,गोली राम सिकरवार ,लाल सिंह तोमर सत्यवीर प्रधान मादौर, अमर सिंह फौजी ,सोनपाल ने प्रदर्शन में शामिल हुए। मांट स्थित वृंदावन तिराहा पर किसानों ने बाजार को बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। किसानों ने तिराहे पर जाम लगा दिया। इससे वृंदावन, राया और नौहझील मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। यहां किसानों ने करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया। किसान सभा ने बाजना स्थित बीज गोदाम पर प्रदर्शन कर धरना दिया। किसान यहां जाम नहीं लगा सके। बाजार भी यहां खुले रहे। भाकपा और किसान सभा के कामरेड गफ्फार अब्बास एडवोकेट टीकम सिंह, नरेंद्र सिंह सिसौदिया, राधा चौधरी, जगदीश, अब्दुल अशफाक, रवि शर्मा, याकूब शाह, जब्बार अब्बास, मास्टर वीरेंद्र सिंह, मधु शर्मा, बबली, गुड्डू प्रधान ने किसानों की मांग के समर्थन में डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। -किसानों को आंदोलन शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात किया गया था। -श्रीश्चंद्र, एसपी देहात

भारत बंद को लेकर रेलवे स्टेशनों पर रही सुरक्षा

संवाद सहयोगी, मथुरा : किसान संगठनों द्वारा की गई भारत बंद की घोषणा को लेकर रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा चाक-चौबंद रही। जीआरपी और आरपीएफ के जवान गश्त करते रहे। स्टेशन के आउटरों की सुरक्षा के लिए जिला पुलिस का सहयोग लिया गया।

रेलवे ट्रैक पर किसान न आ जाएं, इसके लिए आरपीएफ और जीआरपी की टीमें सुबह से ही सतर्क रहीं। भूतेश्वर, आझई, बाद, वृंदावन रोड, गोवर्धन, फरह रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी के जवान सुरक्षा को लेकर सतर्क रहे। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक सीबी प्रसाद ने बताया कि सुरक्षा के सतर्कता बरती गई है। चेकिग अभियान चलाया गया है।

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