जागरण संवाददाता, मथुरा: पिछले चुनाव में शहर को बंदरों से मुक्त करने के लिए बंदर सफारी बनाने का वादा किया गया था, लेकिन पांच साल बाद भी बंदरों से मुक्ति नहीं मिली। शहर में बंदर रोज लोगों पर हमला कर रहे हैं। यही हाल यमुना के प्रदूषण का है। समस्याएं जस की तस तब बनी हुई हैं। अब तक के चुनावी अनुभवों की बात की जाए तो काम से ज्यादा वादा खिलाफी का है। इस बार का चुनाव मुद्दा विहीन नजर आ रहा है। स्थानीय विकास और देशहित को ध्यान में रखकर वोट दिया जाएगा।

ये बातें मसानी क्षेत्र में आयोजित जागरण की चुनावी चौपाल में स्थानीय लोगों ने चर्चा में भाग लेते हुए रखी। लोगों ने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि हमारा होने वाला सांसद ईमानदार और सरल छवि के साथ काम करने वाला होना चाहिए। इस बार चुनावों को लेकर जिस तरह की सियासत हो रही है, उसमें जनता के बुनियादी सवाल दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि चुनाव में कोई सही मुद्दा है ही नहीं। जनता से जुड़े बड़े मुद्दो की बात की जाए तो निजी स्कूलों की मनमानी और अराजकता बड़ा सवाल है जिस पर सब मौन साधे हैं। चर्चा में भाग में लेने वालों में अनिल बंसल, हेमेंद्र गर्ग, संजीव अग्रवाल, पप्पू, प्रभु दयाल गर्ग , पकंज गर्ग, ब्रज बिहारी, कृष्णा, गंगाराम सैनी, भूरी सिंह, मुरारी आदि थे।

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टॉक-

- माना कि इस बार के चुनाव में कोई मुद्दा नजर नहीं आ रहा है, फिर भी देशहित को ध्यान में रखते हुए ईमानदार प्रत्याशी को वोट दिया जाएगा।

- अनिल बंसल।

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- धार्मिक नगरी होने के नाते सबसे पहले जरूरत यमुना शुद्धीकरण हैं, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु स्वच्छ और निर्मल यमुना जल का आचमन कर सकें।

- एचके गर्ग।

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- इस समय मथुरा-वृंदावन के लोग बंदरों के आंतक से परेशान है। इससे हर हाल में मुक्ति मिलनी चाहिए ताकि लोग घर और दुकानों पर सुरक्षित रह सकें।

- संजीव अग्रवाल।

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- शहर में हमारे नौजवानों के लिए रोजगार के साधन बढ़ाए जाएं। वादे तो हर चुनाव में होते है, जीतने के बाद सब लोग वादों को भूल जाते हैं।

- पप्पू।

Posted By: Jagran

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