संवाद सहयोगी, मथुरा : परदेस से आए प्रवासी मजदूरों की निगहबानी की जिम्मेदारी जिन निगरानी समितियों को सौंपी गई थी। वह ठीक से काम नहीं कर रही हैं। 25 मई के अंक में जागरण ने इस खामी को प्रमुखता से उजागर किया, तो मंगलवार को डीएम ने बैठक में उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए। कहा कि निगरानी समितियां अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहीं। अब नोडल अधिकारी तैनात कर प्रतिदिन रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने कलक्ट्रेट स्थित सभागार में आयोजित निगरानी समितियों की बैठक में समिति के कामों पर नाराजगी व्यक्त की। निगरानी समितियों को अपना काम गुणवत्ता के साथ करने के निर्देश दिए। डीपीआरओ से नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि निगरानी समितियां अपना कार्य ठीक से नहीं कर रही हैं। व्यक्तिगत ध्यान देकर कार्य में लगाया जाए। सीडीओ को सभी खंड विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी नामित कर प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। सीडीओ नितिन गौड़, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ब्रजेश कुमार, डिप्टी कलेक्टर सुरेंद्र प्रसाद यादव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिलीप कुमार मौजूद रहे। ये तैनात हुए नोड अधिकारी

सीडीओ नितिन गौड़ ने बताया कि कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए निगरानी समितियों का नोडल अधिकारी अब खंड विकास अधिकारियों को बनाया गया है। बीडीओ ही समिति के कार्यों का नियमित अनुश्रवण करेंगे। सीडीओ ने बताया कि मथुरा के प्रभात रंजन, चौमुहां के बलराम कुमार, छाता व नौहझील के अमित कुमार, राया व बलदेव के श्वेतांक पांडेय, फरह के हरिओम सिंह, गोवर्धन के बीबी त्रिपाठी, नंदगांव के विजय कुमार, मांट के प्रीतम सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

Posted By: Jagran

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