एक ही जगह बैठकर कैसे होगा काम... मथुरा डीएम सीपी सिंह ने सुपरवाइजरों को लगाई फटकार
मथुरा में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सुपरवाइजरों को बीएलओ की तरह सक्रिय होकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने धीमी गति पर नाराजगी जताई। महावन में लेखपाल संघ ने फतेहपुर की घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और मृतक के परिवार के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि की मांग की।

बैठक के दौरान डीएम चंद्र प्रकाश सिंह।
जागरण संवाददाता, मथुरा। एक ही जगह बैठकर कैसे काम होगा, जैसे बीएलओ घर-घर दौड़ रहे हैं, आप भी उनका सहयोग करें। बीएलओ की तरह आप भी घर-घर जाएं। शुक्रवार को जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान आयोजित बैठक में सुपरवाजरों की कार्यशैली पर खासी नाराजगी जताई।
धीमी गति पर सुपरवाइजर को ठहराया जिम्मेदार
सदर तहसील के सभी सुपरवाइजरों के साथ बैठक में डीएम ने सभी डिप्टी कलेक्टरों की भी समीक्षा की। कहा कि सदर में प्रति 50 बूथ में एक डिप्टी कलेक्टर की ड्यूटी लगाए गए है। लेकिन सदर में फिर भी धीमी गति है। इसके लिए सुपरवाइजर जिम्मेदार हैं। सदर में 49, छाता में 42, मांट में 44, गोवर्धन में 39 तथा बल्देव में 45 सुपरवाइजर है। जिले में कुल 219 सुपरवाइजर है। डीएम ने कहा कि सुपरवाइजरों से बीएलओ को बल मिलता है। सभी बीएलओ युद्ध स्तर पर कार्य करें।
मृत लेखपाल के परिवार को 50 लाख रुपये की उठाई मांग
महावन। तहसील महावन के परिसर में लेखपाल संघ ने एसआइआर को लेकर फतेहपुर में लेखपाल की आत्महत्या को लेकर धरना प्रदर्शन किया। मांग उठी कि मृत लेखपाल के परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता दी जाए। शुक्रवार को तहसील परिसर में लेखपालों ने ज्ञापन दिया, जिसमें दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई। लेखपाल संघ के अध्यक्ष पवन चौधरी, विकास तिवारी, राजेश यादव, डालचंद, नीरज, पंकज, रिंकू, महेंद्र प्रताप, मेहताब, रमेश चंद्र चाहर व अन्य लेखपाल मौजूद रहे।

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