संवाद सहयोगी, मथुरा : लॉकडाउन में कोई लोगों को तुलसी की पौध तो कोई जरूरतमंदों को राशन सामग्री बांटकर पुण्य कमा रहा है। कई सामाजिक संगठन कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क व सैनिटाइजर भी जरूरतमंदों को उपलब्ध करा रहे हैं।

डॉ. भीमराव आंबेडकर जन्मोत्सव समारोह समिति के तत्वावधान में दो सौ जरूरतमंदों को बेचैन सिंह व नंदगांव ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर दयाल के नेतृत्व में राशन सामग्री बांटी गई। इसमें अशोक प्रिया, अशोक केसरिया, मोहर पाल, एमपी सिंह, श्याम सिंह बौद्ध व संजय ने सहयोग किया।

वृंदावन : वृंदावन सेवा संस्थान ने गोपाल वाटिका में तुलसी की पौध व मास्क बांटे। पार्षद राधाकृष्ण पाठक ने कहा कि कोरोना वायरस का एक कारण दूषित पर्यावरण भी रहा है। इसी के तहत संस्था ने तुलसी की पौध व मास्क बांटे। उन्होंने बताया कि तुलसी का पौधा 24 घंटे ऑक्सीजन देने के साथ ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाईऑक्साइड गैसों का अवशोषण करता है। मास्क लगाना मनुष्य को ना केवल कारोना वायरस से बचाएगा बल्कि अन्य बहुत सी बीमारियों से भी रक्षा करेगा। इसमें पार्षद वैभव अग्रवाल, रसिकवल्लभ, विश्वनाथ गुप्ता, मुरलीधर अग्रवाल, राधा रमण अग्रवाल, महावीर शर्मा, सचिन अग्रवाल, विनीत अग्रवाल, कृष्णनंदन अग्रवाल आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

दुर्गा प्रसाद धानुका चैरिटेबल ट्रस्ट ने ब्रज क्षेत्र में कर्मकांड व पांडित्य से जुड़े ब्राह्मणों के लिए राशन सामग्री बांटी। कोरोना से बचाव के लिए सैनिटाइजर, मास्क व साबुन भी बांटा। इसमें विजय रिणवा सहित ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों ने भी सहयोग किया। मजदूरों को छाछ-सत्तू, बच्चों को बांटे चिप्स

जासं, मथुरा : नगर निगम की ओर से यमुना एक्सप्रेस-वे पर होकर निकल रहे प्रवासी मजदूरों के ंिवश्राम की व्यवस्था की गई है। बावजूद इसके यहां मजदूर ठहरने को तैयार नहीं है। ऐसे में निगम की ओर से प्रवासी मजदूरों को छाछ, सत्तू के साथ-साथ चिड़वा-लाई बांटी जा रही है। वहीं बच्चों को चिप्स मुहैया कराए जा रहे हैं।

दरअसल, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब से आ रहे मजदूरों की लंबी कतार लगी हुई है। प्रशासन की तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद प्रवासी मजदूरों की संख्या में कोई कमी नहीं हो रही है। तेज धूप में मजदूर खुद को रोकने की बजाय नंगे पैर ही अपना सफर तय कर रहे हैं। ऐसे में प्रवासी मजदूरों को नगर निगम थोड़ी राहत देने का काम कर रहा है, जिसके तहत निगम अधिकारियों ने प्रवासी मजदूरों के लिए सत्तू की व्यवस्था की है। इससे मजदूरों का न केवल पेट भर रहा है, बल्कि कुछ लोग अपने साथ सत्तू लेकर जाने में खुश भी हो रहे हैं, जिससे भूख लगने पर कहीं भी खा सकते हैं।

Posted By: Jagran

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