संवाद सूत्र, बरसाना: बृषभान दुलारी के जन्मोत्सव पर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ राधारानी मंदिर में एकत्रित नहीं होगी। साथ ही मंदिर के पट अधिक समय तक खोलने जाने के निर्देश प्रशासन ने मंदिर प्रबंधन को दिए हैं। प्रशासन ने पत्र के माध्यम से स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर राधाष्टमी मेला के दौरान कोई हादसा हुआ तो मंदिर प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार होगा।

कृष्ण प्रिया राधारानी का जन्मोत्सव 17 सितंबर को भोर में मनाया जाएगा। जन्मोत्सव में भाग लेने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु 16 सितंबर को बरसाना पहुंच जाएंगे। इनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दैनिक जागरण ने नौ सितंबर के अंक में सवाल उठाया था। इसमें 2012 की घटना की पुनरावृत्ति न होने को लेकर चेताया था। इसके बाद प्रशासन ने मंदिर प्रबंधन को पत्र जारी कर कई हिदायत दी हैं। इसमें कहा गया है कि सेवायत मंदिर के पट बार-बार बंद न करें। प्रसाद और माला न फेंकी जाएं। राधा जन्मोत्सव के लाइव दर्शन हों। अभिषेक के दर्शन ज्यादा देर तक कराए जाएं। मंदिर की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने सुरक्षा गार्ड तैनात करें। मंदिर परिसर में कम संख्या में गोस्वामी समाज के लोग मौजूद रहें। एडीएम प्रशासन आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि 2012 की घटना की जांच में मंदिर प्रबंधन और सेवायत की वजह से हादसा होना पाया गया था। सेवायतों के माला व प्रसाद फेंकने से श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई थी। मंदिर प्रबंधन ने गेट बंद कर दिया था। इसकी पुनरावृत्ति न हो।

वहीं मंदिर रिसीवर डॉ. कृष्ण मुरारी ने बताया कि व्यवस्थाओं में प्रशासन का सहयोग किया जाएगा। बेरीके¨डग आदि लगवाकर मंदिर परिसर प्रशासन के सुपुर्द कर दिया जाएगा। मंदिर के पट सेवा कार्यों के लिए बंद किए जाते हैं। कार्यों में शीघ्रता की जाएगी, लेकिन सेवा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

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