जेएनएन: मथुरा: मथुरा-वृंदावन में देवोत्थान एकादशी पर मंगलवार को तीन वनों की परिक्रमा लगाई गयी। जिसमें सुबह से ही मानव श्रंखला बनी रही, जो देर शाम तक जारी रही।

देवोत्थान एकादशी पर सुबह ही मथुरा, गरुण गो¨वद और वृंदावन की परिक्रमा शुरू हो गई थी। इस्कॉन मंदिर और अटल्ला चुंगी क्षेत्र के कट पर तैनात पुलिस कर्मियों ने परिक्रमार्थियों और वाहनों को रोक-रोक कर आगे निकाला। परिक्रमा मार्ग में रमणरेती, बिहार घाट, सूरज घाट, श्रृंगारवट घाट, केशीघाट पर नजारा मेले जैसा दिखाई दिया।

नगर निगम ने पूरे परिक्रमा मार्ग की सफाई नहीं कराई। वृंदावन से मथुरा के बीच पड़ने वाले कच्चे घाटों पर तमाम श्रद्धालु कंकरीट और कांटों से चुटैल हुए। अक्रूर घाट पर लोगों से सबसे ज्यादा परेशानी हुई।

दुल्हन बन इठलाईं तुलसी, दूल्हा सालिगराम

वृंदावन: देवोत्थान एकादशी पर तुलसी सालिगराम विवाह की धूम रही। पंडित रामजी शास्त्री ने देवोत्थान एकादशी का महत्व बताया। प्राचीन सप्तदेवालयों में प्रमुख राधादामोदर मंदिर में भी मंगलवार को तुलसी-सालिगराम विवाह का आयोजन किया गया। तुलसी और सालिगराम की बरात निकाली गई। मंदिर में वैदिक ऋचाओं की गूंज के बीच तुलसी-सालिगराम फेरे दिलाए गए। श्रद्धालुओं ने तुलसी का कन्यादान किया।

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