बरसाना (मथुरा): छह राज्यों में वांटेड चल रहा शातिर अपराधी जमशेद खां करीब चार साल से अपनी ससुराल हाथिया में रह रहा था। ससुराल में रहकर ही साहून के गैंग को चला रहा था और अपराध की पटकथा लिख रहा था। रविवार की रात भी वह किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में था।

जरायम की दुनिया के लिए हाथिया आरामगाह है। यहां पग-पग पर अपराध की कहानी सुनाई देती हैं। पिस्टल, बंदूक, तमंचे इस गांव में तैयार किए जाते हैं। चोरी की बाइक, अपहरण जैसी संगीन घटनाओं की पटकथा भी हाथिया के शातिर यहीं बैठकर तैयार करते हैं। शातिर अपराधी हारून का सबसे खास साथी जमशेद खां 2014 में कोसीकलां क्षेत्र में हुई चार हत्याओं में शामिल था। इस कारण साथियों के साथ जमशेद ने भी अपना गांव छोड़ दिया था। जमशेद के साथी हारुन, भाई शेरखां कुछ दिन पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए थे। जमशेद करीब चार साल से अपनी ससुराल हाथिया में रह रहा था। जमशेद हथियारों की सप्लाई, लूट जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहा था। इसके बाबजूद बरसाना पुलिस को जमशेद की भनक तक नहीं लग सकी। सूत्रों की मानें तो जमशेद अपने पास तीन रायफल, दो पिस्टल, दो तमंचा रखता है। जिनके दम पर जमशेद हर बार पुलिस की पकड़ से बच निकलता है। पुलिस से मुठभेड़ करने में जमशेद अपने भाई शेरखां की तरह शातिर है, वह अकेला ही पुलिस टीम के लिए भारी पड़ता है।

By Jagran