विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

छाता चीनी मिल आंदोलन: मथुरा में पुतला दहन रोकने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प

By Virendra Kumar Verma Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 20 Oct 2026 08:48 PM (IST)

मथुरा में छाता चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर 70वें दिन भी आंदोलन जारी रहा। विजयदशमी ...और पढ़ें

छाता चीनी मिल पर धरनास्थल पर मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं भी जुटीं।

छाता चीनी मिल पर धरनास्थल पर मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं भी जुटीं।

संवाद सूत्र, छाता (मथुरा)। छाता मिल मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन मंगलवार को 70वें दिन भी जारी रहा। विजयदशमी पर किसान और भूतपूर्व सैनिक परिषद ने धरनास्थल पर जिले के चार विधायकों, सांसद और गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री के पुतले दहन करने की घोषणा की थी। सुबह से पुलिस प्रशासन सतर्क रहा।

आंदोलनकारियों ने पुतला दहन का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पुतले कब्जे में ले लिया। इस दौरान आंदोलनकारियों की पुलिस के बीच नोकझोंक और जमकर धक्का-मुक्की हुई भी हुई। आसपास के गांवों में भी कुछ स्थानों पर पुतले रखे गए थे। धरनास्थल से दूर एक पुतले को किसी ने आग लगा दी गई। यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

चीनी मिल को लेकर धरना 13 अगस्त से जारी है। धरने की अगुवाई पूर्व सैनिक परिषद कर रहा है। सरकार ने घोषणा की थी कि चीनी मिल तीन चरणों में शुरू होगी। पहले चरण में एथेनाल प्लांट लगेगा। 15 सितंबर को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। किसानों का कहना है कि उन्हें एथेनाल प्लांट नहीं चीनी मिल चाहिए।

विजयदशमी पर क्षेत्रीय विधायक और गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण के साथ अन्य चारों विधायक और सांसद हेमा मालिनी का पुतला फूंकने की घोषणा की गई थी। मंगलवार सुबह से ही धरनास्थल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। चार बजे अचानक आंदोलनकारी सभी विधायक और सांसद का मुखौटा लगा पुतला लेकर दहन करने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने छीन लिया।

आंदोलनकारी पुरुष और महिलाओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। काफी देर तक पुलिस से छीना-झपटी होती रही। एक अन्य पुतला भी आंदोलनकारी ले आए, पुलिस ने उसे भी छीन लिया। धरनास्थल पर तीसरा पुतला भी रखा था, पुलिस ने उसे बरामद कर लिया।

करीब एक घंटे तक आंदोलनकारियों को एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार, एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह,एसपी देहात आलोक राज नारायण ने समझाया। कहा कि शांतिपूर्ण धरना दें, अशांति का माहौल नहीं बनाएं। मुख्य संचालक पूर्व सूबेदार ललित कर्मयोगी ने पुतला दहन स्थगित कर दिया। उधर, धरनास्थल से दूर एक खेत में किसी ने जनप्रतिनिधियों का मुखौटा लगा पुतला दहन कर दिया।