बरसाना(मथुरा), संसू। राधारानी ब्रजयात्रा में पैदल ही श्रद्धालुओं का कारवां अपने मुकाम की ओर बढ़ रहा है। आस्था के समंदर में डूबे श्रद्धालु राधा नाम की रस धारा में सराबोर होने को आतुर नजर आ रहे हैं। भक्ति की मस्ती में डूबे मानमंदिर गुरुकुल के बच्चे भी नाचते-गाते ब्रजयात्रा में चल रहे हैं। पथरीली सड़क पर राधा नाम के संकीर्तन के साथ राधारानी ब्रजयात्रा ने पड़ाव के दूसरे दिन राधाकृष्ण के तमाम लीलाओं स्थलों के दर्शन किए।

ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा के सानिध्य में 11 अक्टूबर से शुरू हुई ब्रज चौरासी कोस की राधारानी ब्रजयात्रा में शनिवार को श्रद्धालुओं ने 14 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर व्याहुला, देह कुंड, ललिता अटा, ऊंचागांव, दाऊजी मंदिर, सोनोखर, भानोखर, ब्रजेश्वर महादेव, रावलवन, पाडरवन होते हुए चित्रासखी मंदिर, चिकसौली, दोहनी कुंड, माताजी गोशाला आदि तीर्थ स्थलों का भ्रमण किया। जिसके बाद ब्रह्मांचल पर्वत के पीछे स्थित पड़ाव स्थल पर पहुंची। ब्रजयात्रा में कई राज्यों के करीब बारह हजार लोग यात्रा कर रहे हैं। ढोलक व झांझ की थाप पर मान मंदिर की बालिकाएं नृत्य करती चल रही थी। इस दौरान मान मंदिर के कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने कहा कि 30 साल पहले ब्रजयात्रा में सिर्फ दो सौ लोग हुआ करते थे। लेकिन अब ब्रजयात्रा में करीब बारह हजार लोग चल रहे हैं। वहीं देर शाम साध्वी श्रीजी शर्मा ने ब्रजयात्रा के पड़ाव स्थल पर श्रद्धालुओं को राधाकृष्ण के लीला स्थलों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि इस संसार में जीव, भगवान, माया तीनों ही अमर है। जबकि जीव व माया परम ब्रह्म के अधीन है। लेकिन परम ब्रह्म भगवान अपने जीव के विशुद्ध प्रेम के अधीन होता है। जो भी मनुष्य चौरासी कोस की यात्रा करता है, वो चौरासी लाख योनियों के भंवर जाल से छुटकारा पा जाता है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन मे एक बार ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा लगानी चाहिए। ब्रजयात्रा के दौरान सुबह से शाम तक हरिनाम का संकीर्तन चलता रहता है। ब्रह्मांचल के पीछे बसा गांव

बरसाना: ब्रह्मांचल पर्वत के पीछे मानो जैसे कोई नया गांव बस गया हो। रात होते ही ब्रजयात्रा के पंडाल बिजली की रोशनी से जगमगाता नजर आता है। पूरी रात श्रद्धालु भक्ति के इस समागम में भीगे नजर आते हैं। ब्रजयात्रा आज नंदगांव में

बरसाना: राधारानी ब्रजयात्रा रविवार को पैदल 11 किलोमीटर का सफर तय कर पीली पोखर, अलि किशोरी, राधागोविद, प्रेम सरोवर, संकेत, दोमिल वन, उद्धव क्यारी, हाउ बिलाऊ, खूंटा व नंदभवन का भ्रमण कर नंदगांव पहुंचेंगी। जहां ब्रजयात्रा दो दिन का पड़ाव डालकर राधाकृष्ण के तमाम लीला स्थलों के दर्शन करेंगी। बंगलादेशी भक्त भी कर रहे है यात्रा-

बरसाना: राधारानी ब्रजयात्रा के दूसरे दिन करीब बारह हजार श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। जिसमें बंगलादेश के 200 श्रद्धालु तथा नेपाल के 10 श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन हुआ है। मान मंदिर के सचिव सुनील सिंह ने बताया कि बंगलादेश से आये सभी लोगों का वीजा व पासपोर्ट जमा करने के बाद ही रजिस्ट्रेशन किया गया है। ब्रजयात्रा में सर्वाधिक श्रद्धालु वेस्ट बंगाल से आये हुए है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप