बरसाना(मथुरा), संसू। बृषभानु दुलारी की नित्य सेवा में वैसे तो उनकी अष्टसाखियां प्रतिदिन लगी रहती हैं, लेकिन कोलकाता की दो बहनों ने सांसारिक मोह माया छोड़कर उनकी नित्य सेवा में अपना जीवन समर्पण कर दिया है। यह दोनों बहनें प्रतिदिन राधाकृष्ण के लिए फूलों का मुकुट व हार तैयार करती हैं ।

मालती दासी व उनकी बहन देवूदी दासी ने राधारानी की सेवा में जीवन समर्पित कर रखा है। मालती दासी करीब 40 साल और देवूदी दासी करीब 20 साल से अपना घर परिवार छोड़कर राधारानी की प्रतिदिन सेवा करती हैं। यह दोनों बहनें राधारानी के लिए फूलों का हार तथा मुकुट बनाती हैं। धनाढ्य परिवार की होने के बाद भी इन दोनों बहनों ने अपना घर छोड़ दिया था। दोनों बहनों की शादी भी हो गई और बच्चे भी हैं, लेकिन राधा की भक्ति में इन्होंने सारे सांसारिक रिश्ते तोड़ दिए। मालती दासी बताती हैं कि उसे इस मार्ग पर चलने की प्रेरणा उनके गुरु से मिली है। उन्हें बड़ा अच्छा लगता है जब बृषभानु नंदनी व नंदलाल उनके हाथों से बने फूलों का हार व मुकुट धारण करते हैं। देवूदीदासी ने बताया कि वो दुनिया की सबसे भाग्यशाली महिला है क्योंकि जो नित्य सेवा राधारानी की अष्टसाखियां करती है, वही सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ है। उन्हें राधा की भक्ति उनकी बड़ी बहन मालती दासी की वजह से मिली है। कान्हा के बाग के फूलों से मुस्कराती है लाडिली

बरसाना: कृष्ण बाग जहां फूल तो खिलते हैं, लेकिन सिर्फ राधारानी के लिए। बगीचे का माली आज भी फूलों का गुलदस्ता लेकर रोज सुबह राधारानी की सेवा में उपस्थित रहता है। ऊंचागांव के रहने वाले रमेश दास रोजाना सुबह फूलों का गुलदस्ता राधारानी की सेवा में भेंट करते हैं। इस सेवा में रमेश दास को करीब 25 वर्ष हो गए। रमेश दास से पहले यह सेवा उनके पिता रामजीदास किया करते थे। बगीचे के माली रमेश दास ने बताया कि बगीचे में फूल तो खिलते हैं, लेकिन सिर्फ बृषभानु नंदनी के लिए। बगीचे का निर्माण आज से सौ साल पहले ओडीशा निवासी मोहनदास भंडारी ने कराया था। मोहनदास भंडारी ने अपनी पैतृक जमीन बेचकर बरसाना में बगीचे के लिए जमीन खरीदी तथा अपने हाथों से सुगंधित फूलों के पेड़ लगाए। बृषभानु दुलारी को पिया वंसा, कुंद, मोंगरा, गुलाब, मालती, हर श्रृंगार के फूलों का गुलदस्ता भेंट किया जाता है। इन फूलों की सुंगध राधारानी को बहुत प्रिय है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021