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बांकेबिहारी मंदिर की दर्शन व्यवस्था में बदलाव, अब VIP भक्त करेंगे अलग गेट से एंट्री

By Vipin Parashar Edited By: Prateek Gupta
Published: Mon, 26 Oct 2026 07:46 PM (IST)

वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वीआईपी प्रवेश द्वार बदल दिया गया है। अब वीआईपी ...और पढ़ें

बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन को उमड़ी भीड़।

बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन को उमड़ी भीड़।

HighLights

  1. वीआईपी भक्तों का प्रवेश द्वार बदला गया।

  2. अब गेट संख्या चार से मिलेगा प्रवेश।

  3. सामान्य श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु निर्णय।

संवाद सहयोगी, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा व सहूलियत की व्यवस्थाओं को बेहतर करने में जुटी उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने अब नए निर्णय के अनुसार वीआइपी भक्तों का मंदिर में प्रवेशद्वार बदल दिया है। अब तक वीआइपी भक्तों को मंदिर में प्रवेश गेट संख्या दाे से मिलता था, लेकिन, अब गेट संख्या चार से वीआइपी श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश करेंगे। ये व्यवस्था शरद पूर्णिमा से शुरू कर दी है।

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में लगतार वृद्धि हो रही है। अब कार्तिक के पूरे महीने हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन ठाकुरजी के दर्शन करने मंदिर पहुंचेंगे। ऐसे में वीआईपी भक्तों को अब तक गेट संख्या दो से ही मंदिर में प्रवेश दिलवाया जा रहा था। गेट संख्या दो से वीआईपी भक्तों को दर्शन करवाने के लिए एक रेलिंग को खाली करवाना पड़ता था तो श्रद्धालुओं को दिक्कत का सामना करना पड़ता था।

श्रद्धालुओं की सुविधा बेहतर बनाने के उद्देश्य से समिति ने अब मंदिर आने वाले वीआइपी श्रद्धालुओं के लिए गेट संख्या चार से प्रवेश करवाने की व्यवस्था तय कर दी है। अब वीआईपी प्रोटोकाल वाले श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए गेट संख्या चार से प्रवेश कर सीधे वीआईपी कटहरा में पहुंचेंगे। यहां से दर्शन करने के बाद वे गेट संख्या एक से बाहर निकलेंगे।

वीआइपी प्रोटोकाल में दर्शन करने को आने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए मंदिर सुरक्षा में तैनात छह सिपाहियों की भी तैनाती की गई है। ये सिपाही श्रद्धालुओं को वीआइपी कटहरा में दर्शन करवाकर गेट संख्या एक से बाहर निकालेंगे।

मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। कार्तिक के महीने में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी। ऐसे में गेट संख्या दाे वीआइपी प्रोटोकाल वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश करवाने में दिक्कत हाेती थी। अब सीधे गेट संख्या चार से उनके प्रवेश की व्यवस्था की है और निकास के लिए गेट संख्या एक को ही रखा है।

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-हिमांशु गोस्वामी, सेवायत सदस्य, उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति।