बांकेबिहारी मंदिर में वीआइपी दर्शन, लपके नहीं बिछा पाएंगे जाल; कार्रवाई की तैयारी
वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी करने वाले लपकों पर प्रबंधन समिति कार्रवाई ...और पढ़ें

बांकेबिहारी मंदिर।
संवाद सहयोगी, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति अब उन लपकों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करेगी, जो श्रद्धालुओं को वीआइपी दर्शन का झांसा देकर उनसे धनवसूली करते हैं। 12 अक्टूबर को ''भक्तों से छलावा करने वाले लपकों पर कसेगा शिकंजा'' शीर्षक से जागरण में प्रकाशित खबर पर भी समिति ने मुहर लगाई। अब ऐसे लपकों की पहचान होगी।
समिति के सदस्यों ने मंदिर के सेवायतों और तीर्थ पुरोहितों को इसमें शामिल न करने को कहा। ठाकुर बांकेबिहारी का चढ़ावा भी बढ़ गया है। दानराशि की गणना की जा रही है। पिछले पांच दिनों में 17 गोलक खोली गई हैं, इनमें 2.81 करोड़ रुपये चढ़ावा निकला है, जबकि 15 गोलक खोली जानी है। मई में तीन माह के चढ़ावे की गणना में 4.90 करोड़ दानराशि मिली थी।
समिति की 20वीं बैठक बुधवार शाम पांच बजे शहीद लक्ष्मण सिंह सभागार में शुरू हुई। समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि आनलाइन दान लेने के लिए अब मंदिर परिसर के अंदर और बाहर जगह-जगह बारकोड लगाए जाएंगे। समिति अध्यक्ष ने दैनिक जागरण की खबर का हवाला देते हुए मंदिर में वीआइपी दर्शन के नाम पर छलावा करने वाले लपकों पर कार्रवाई करने का प्रस्ताव रखा। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाए।
इस पर सदस्य सेवायतों ने कहा कि इस कार्रवाई में तीर्थपुरोहितों और मंदिर सेवायतों को अलग रखा जाए। तीर्थपुरोहित अपने यजमानों को हर मंदिर में दर्शन करा सकते हैं। इस पर समिति ने सहमति जताई। समिति अध्यक्ष ने बताया कि इस समय मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गणना की जा रही है। करीब सवा दो माह बाद गोलक खोली गई हैं। अब तक 17 गोलक में 2.81 करोड़ चढ़ावा निकला,जबकि अभी 15 गोलक खोली जानी है।
मई में तीन माह के चढ़ावे की गणना हुई थी, तब 4.90 करोड़ धनराशि निकली। इस बार चढ़ावा बढ़ने की उम्मीद है। श्रीजगन्नाथ रथयात्रा के दिन ठाकुर बांकेबिहारी के समक्ष चांदी का रथ, हंस सेवायत द्वारा न रखे जाने के मामले में समिति द्वारा मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन की अगुवाई में जांच समिति गठित करने पर सदस्य सेवायत हिमांशु गोस्वामी ने सवाल उठाया।
कहा कि चांदी का रथ, हंस सजाने की कोई परंपरा नहीं रही है। फूलबंगला में जो झांकियां सजाई जाती हैं, वह सेवायत अपने यजमानों के जरिए करते हैं। वह मंदिर की संपत्ति नहीं हैं। मंदिर की गलियों में टूटे पत्थर बदलने और सीएसआर फंड से सोलर लाइट जल्द लगवाने पर सहमति बनी।
सेवायतों के मुद्दों पर नहीं की गई बात
समिति के सदस्य सेवायत रजत गोस्वामी ने कहा कि हम लोगों ने बैठक में मंदिर के बदले नियमों पर चर्चा का मुद्दा उठाया था। इसमें भोगसेवा, दर्शन समय में बढ़ोतरी और जगमोहन से श्रद्धालुओं के दर्शन पर प्रतिबंध की बात कही, लेकिन अध्यक्ष इन सब पर बाद में चर्चा करने को कहा है।
