जागरण संवाददाता, वृंदावन: हरियाली तीज पर साल में एक ही दिन ठा. बांकेबिहारी मंदिर में सजने वाले स्वर्ण-रजत ¨हडोला दर्शन पर असमंजस के बादल छाए हुए हैं।

ठा. बांकेबिहारी मंदिर में 14 अगस्त को हरियाली तीज है। परंपरा रही है कि इस दिन शाम को ठाकुरजी स्वर्ण-रज ¨हडोले में भक्तों को दर्शन देते हैं, लेकिन अदालत के निर्णय ने परंपरा में बदलाव कर दिया है। मंदिर के राजभोग सेवाधिकारी अदालत से मिले निर्णय के बाद शाम को आयोजित होने वाले उत्सव को सुबह राजभोग सेवा में भी मनाने का निर्णय कर चुके हैं। अभी तक ठाकुरजी हमेशा शाम को ¨हडोले में दर्शन देते आए हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखकर मंदिर प्रबंधन भी ठाकुरजी के दर्शन शाम चार से रात 12 बजे तक खोलने का निर्णय लेता है। यही निर्णय बरकरार भी है।

जिस तरह राजभोग सेवाधिकारी सुबह ¨हडोले में ठाकुरजी के दर्शन करवाने की जिद पर अड़े हैं ऐसे में रात को पहले जैसा समय रखना मंदिर प्रबंधन के लिए मुश्किल होगा। मंदिर की प्रशासक दुर्गेश नंदनी के अवकाश पर होने के कारण फिलहाल समय तय कर पाना प्रबंधन के हाथ में नहीं है। मंदिर प्रबंधक भी असमंजस की स्थिति में हैं।

प्रशासक के 13 अगस्त को कार्यालय में बैठने की संभावना है। ऐसे में अगर एक दिन पहले समय को लेकर कोई निर्णय होता है, तो रात में नौ बजे के बाद दर्शन की इच्छा पाले बैठे बांकेबिहारी के लाखों भक्त अपने आराध्य के ¨हडोले में दर्शन से वंचित भी रह सकते है।

राजभोग सेवाधिकारी बालकृष्ण गोस्वामी व रजत गोस्वामी कहते हैं कि ¨हडोला में दर्शन सुबह राजभोग सेवा से शुरू हो जाएंगे। ऐसा होता है तो दर्शन के समय में कोई परिवर्तन नहीं होगा। जबकि शाम को ¨हडोला उत्सव के दर्शन रात 12 बजे तक होते थे। इस पर ही निर्णय प्रबंधन को लेना है। सहायक प्रबंधक उमेश सारस्वत के अनुसार प्रशासक 13 अगस्त को कार्यालय में मौजूद रहेंगी। इसी के बाद दर्शन समय और ¨हडोला उत्सव सुबह से मनाए जाना तय हो सकेगा।

By Jagran