जागरण संवाददाता, मथुरा, वृंदावन: दुनिया में प्रेम और भाईचारे का संदेश देने वाले कृपालु महाराज को जगद्गुरु की उपाधि मिलने के साठ साल पूरे होने पर प्रेममंदिर से लेकर श्यामाश्याम धाम आश्रम तक उत्सव मनाया गया। उत्सवों की श्रृंखला में शुक्रवार को प्रेममंदिर से शोभायात्रा निकाली गई, जो श्यामाश्याम धाम पहुंची।

कृपालु परिषद की अध्यक्ष डॉ. विशाखा त्रिपाठी ने बताया कि कृपालु महाराज को काशी में 1957 में जगद्गुरु की उपाधि मिली थी। प्रेम मंदिर में प्रात:काल भगवान का पंचगव्य के साथ महाभिषेक हुआ। मंदिर में गूंज रहे भगवान के भजनों के बीच देश विदेश से आए जगद्गुरु कृपालु के अनुयायी नाचते-गाते दिखाई दिए। जगद्गुरु कृपालु परिषद द्वारा आयोजित समारोह में अध्यक्ष डॉ. विशाखा त्रिपाठी, कृष्णा त्रिपाठी और श्यामा त्रिपाठी की अगुवाई में भगवान श्यामाश्याम की भव्य शोभायात्रा प्रेम मंदिर से शुरू हुई। शोभायात्रा में कृपालु अनुयायी भगवान के भजनों पर थिरकते और जगद्गुरु के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।