जागरण संवाददाता, मथुरा: सफाई कर्मचारी गांवों में नहीं पहुंच रहे हैं। टंकियों से पानी नहीं निकल पा रहा है। आम रस्ते खराब हैं। बिजली का भी संकट है। शौचालयों का निर्माण नहीं हो रहा है। सड़क उखड़ गई हैं। रविवार को दैनिक जागरण के प्रश्न प्रहर कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार वर्मा के समक्ष गांव-गांव से ऐसी ही शिकायतें आईं। सीडीओ ने उनकी समस्साएं सुनीं और दूर कराने का वायदा भी किया। साथ ही स्वच्छता को सामाजिक आंदोलन बनाने के लिए प्रेरित भी किया।

मांट तहसील के गांव भदनबारा के ठाकुर आशू राघव ने सीडीओ मनीष वर्मा को बताया कि पेयजल सप्लाई के लिए बनी टंकी पांच दिन से सूखी है। कारण, यहां की मोटर फुंकी पड़ी है। ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर सुरीर कोतवाली के समीप एक ईंट भट्ठे के पास से मीठा पानी लाना पड़ रहा है। सीडीओ ने जलनिगम के अधिशासी अभियंता को स्थिति पता करने को कहा। वहीं आशु को अपना मोबाइल नंबर लिखाते हुए कहा कि मोटर ठीक न होने पर वह उन्हें बताएं या उनके कार्यालय में आकर मुलाकात करें।

सवाल: ग्राम पंचायत शेरगढ़ के बाजार में गंदगी फैली हुई है। हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं।

-पवन अग्रवाल

जवाब: बड़ी ग्राम पंचायत है और सफाई कर्मचारी है। इसलिए रोस्टर बनाकर सफाई कराई जा रही है। नए हैंडपंप लगाने के लिए शासन से फंड नहीं मिला है। साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के लिए हमारे साथ मिलकर आप भी अभियान चलाएं।

सवाल: जादौन मोहल्ला से पोखर तक करीब ढाई सौ मीटर खरंजा नहीं है।

-शेर ¨सह यादव, हाथिया

जवाब: प्रधान से कहें कि वह इसका प्रस्ताव तैयार करके उनके कार्यालय में प्रस्तुत करें।

सवाल: गांव में गंदगी बहुत है और सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं। प्राथमिक और जूनियर स्कूल के शौचालय बंद पड़े हैं।

-भूपेंद्र राजपूत, राजेश रावत, विकास रावत, सुरीर

जवाब: सफाई कर्मचारी सुरीर कलां और खुर्द में तैनात है। प्राथमिक और जूनियर स्कूल के शौचालय प्राथमिकता से बनवाएं जाएंगे।

सवाल: ग्राम पंचायत तंतूरा की पोखर में आसपास की कॉलोनियों का गंदा पानी जमा हो रहा है।

-रूपेश धनगर, तंतूरा

जवाब: ग्राम प्रधान ने पोखर के जल के निकासी की व्यवस्था न होने की शिकायत की थी। उन्होंने टीम भेजी थी। अगर आपकी नजर में फिलहाल कोई अस्थायी समाधान हो तो उसे कराया जा सकता है। हालांकि हाईवे प्राधिकरण, प्रधान और इंजीनियरों की संयुक्त बैठक बुलाकर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।

सवाल: नगरिया दसविसा में सांसद निधि से करीब ढाई महीने पहले सड़क बनी थी। अब ये उखड़ने लगी है।

-नरेंद्र, नगरिया दसविसा

जवाब: इसकी जांच कराई जाएगी।

सवाल: कोलाहार में 65 एकड़ मत्स्य विभाग की भूमि है और हम चाहते हैं कि उसमें तालाब बन जाए।

-मनीपाल ¨सह, केसरगढ़ी

जवाब: मत्स्य विभाग से बातचीत करके तालाब खुदाई का कार्य कराया जाएगा। साथ ही इस भूमि पर पौधरोपण का प्रस्ताव भी तैयार कराया जाएगा।

सवाल: स्वच्छता अभियान के ठीक विपरीत हमारे गांव में हो रहा है। लोगों के यहां शौचालय बने हुए हैं। पर उनका प्रयोग नहीं किया जा रहा है।

-भगवान ¨सह, पैंगांव

जवाब: आप उन्हें समझाएं कि खुले में शौच करने न जाएं। उन्हें बताएं कि उनकी बहू-बेटियां खुले में कब तक शौच करने जाएंगी। गांव में स्वच्छता के लिए माहौल तैयार करें।

सवाल: हम डेयरी खोलना चाहते हैं और कामधेनु योजना का हमें लाभ नहीं मिल पा रहा है।

-श्रीकृष्ण, बरौली

जवाब: इसके लिए पशुपालन विभाग में संपर्क कर सकते हैं। अगर कहीं कोई दिक्कत आए तो उन्हें दस से बारह बजे के बीच कार्यालय में कार्यदिवस में आकर बता सकते हैं।

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हमारे यहां बनवा दें शौचालय

-बल्देव ब्लॉक के गांव बरौली की महिला बबली ने सीडीओ को बताया कि उन्हें खुले में शौच करने के लिए जाना पड़ रहा है। उनके यहां एक शौचालय बनवा दीजिए। सीडीओ ने उन्हें बताया कि आप शौचालय का निर्माण करा लें। अगर आप शौचालय निर्माण की पात्रता की श्रेणी में आएंगी तो आपके खाते में सरकारी मदद उपलब्ध करा दी जाएगी।

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आओ मिलकर बनाए सामाजिक आंदोलन

-सीडीओ मनाीष कुमार वर्मा ने प्रश्न प्रहर के दौरान ग्रामीणों से खुले में शौच न करने की अपील भी की। उन्हें खुले में शौच करने से फैलने वाली बीमारियों के नुकसान के प्रति आगाह किया। ग्रामीणों से कहा कि आप और हम मिलकर खुले में शौच करने की कुप्रथा पर विराम लगाने के लिए लोगों को जागरूक करें।