जागरण संवाददाता, मथुरा: कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों और मजदूरों को अब न तो अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ेंगे और न ही बैंकों के। योजनाओं का लाभ सीधे उनके खाते में जाएगा। प्रदेश की पारदर्शी किसान सेवा योजना के तहत सरकार फिलहाल किसानों के अधिक से अधिक पंजीकरण कराने पर जोर दे रही है। विभाग ने इस योजना का स्लोगन भी 'किसान का अधिकार किसान के द्वार' दिया है।

उपकृषि निदेशक राकेश बाबू गंगवार ने बताया कि कृषि योजनाओं के लाभ के लिए किसान-मजदूरों को विभाग में पंजीकरण कराना होगा।

ऐसे कराएं पंजीकरण

-योजना के टोल फ्री नंबर 1800-200-1050 पर मिस्ड कॉल करें। यह सुविधा निश्शुल्क है, मोबाइल में जीरो बैलेंस पर भी मिस कॉल की सुविधा है।

-मिस्ड कॉल प्राप्त होने के बाद पंजीकरण केंद्र द्वारा किसान के नंबर पर कॉल बैक कर पूरी जानकारी ली जाएगी।

-किसान के मोबाइल पर पंजीकरण नंबर एसएमएस कर दिया जाएगा।

-पंजीकरण संख्या प्राप्त होने के बाद किसान जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी अपने नजदीकी राजकीय बीज केंद्र या उपकृषि निदेशक कार्यालय में सात दिन में जमा कराएं।

-किसान मजदूर पंजीकरण केंद्र पर जाकर भी अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

-किसान-मजदूर कृषि विभाग की वेबसाइट पर स्वयं या ई-सुविधा केंद्र आदि पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।