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आस्था से ईको पर्यटन तक, 138.68 करोड़ से संवर रहा मैनपुरी

Published: Sun, 27 Sep 2026 11:28 AM (IST)

मैनपुरी में पर्यटन का विकास अब मंदिरों की चौखट से आगे बढ़कर प्रकृति और ग्रामीण विरासत तक पहुंच रहा है। ...और पढ़ें

धार्मिक स्थलों के साथ ग्रामीण विरासत, सारस सर्किट व प्राकृतिक धरोहरों को मिली पहचान

धार्मिक स्थलों के साथ ग्रामीण विरासत, सारस सर्किट व प्राकृतिक धरोहरों को मिली पहचान

HighLights

  1. पर्यटन विकास मंदिरों से प्रकृति और ग्रामीण विरासत तक फैला।

  2. 138.68 करोड़ रुपये का बजट पर्यटन परियोजनाओं के लिए जारी।

  3. धार्मिक स्थलों, सारस सर्किट और प्राकृतिक आकर्षणों का विकास।

जागरण संवाददाता, मैनपुरी। World Tourism Day: जिले में पर्यटन विकास अब मंदिरों की चौखट से आगे बढ़कर प्रकृति और ग्रामीण विरासत तक पहुंच रहा है। आस्था के प्रमुख केंद्रों के साथ स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक स्थलों और ग्रामीण परिवेश को पर्यटन से जोड़ने की कवायद चल रही है। पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए विभिन्न योजनाओं में 138.68 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। इनमें 54.70 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इससे धार्मिक स्थलों के साथ सारस विचरण स्थल और अन्य प्राकृतिक आकर्षणों को भी विकसित किया जा रहा है। 
करहल के सहन में थीमेटिक गेट व पर्यटक सुविधा केंद्र, घंटाघर पर फसाड लाइटिंग तथा किशनी क्षेत्र के सारस विचरण स्थल पर साइनेज का कार्य पूरा कराया जा चुका है।

प्रमुख धार्मिक केंद्रों पर बहुउद्देशीय हाल, पेयजल, प्रसाधन, प्रकाश व्यवस्था, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग की सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। पर्यटकों को स्थल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी देने के लिए डिजिटल साइनेज लगाने की तैयारी है।

धार्मिक स्थलों के साथ ग्रामीण विरासत, सारस सर्किट व प्राकृतिक धरोहरों को मिली पहचान

इसके अलावा विभाग की परियोजनाओं में लालपुरी मंदिर मेला स्थल व समाधि स्थल का विकास, बौद्ध विहार पहुंच मार्ग, नराइच धाम और नरसिंह धाम का सौंदर्यीकरण शामिल है। विभिन्न मंदिर परिसरों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। सारस सर्किट के लिए 4.81 करोड़ रुपये की परियोजना भी शुरू की गई है।

स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक स्थलों और ग्रामीण परिवेश को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ प्रकृति और ग्रामीण विरासत को भी जिले की नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

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जयवीर सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री।