यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भोजपुरा में डेंगू से महिला की मौत, स्वास्थ्य विभाग बेखबर
जिले में मृतकों की संख्या सात हुई हर तीसरे घर में बिछी चारपाई नहीं पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीमें।

मैनपुरी, जागरण संवाददाता। जिले में डेंगू से होने वाली मौतों का आंकड़ा सप्ताह भर में ही सात तक पहुंच गया। नगला निरंजन से शुरू हुआ डेंगू बुखार अब भोजपुरा में पहुंच गया। यहां की सुशीला देवी (50) पत्नी वीरेंद्र सिंह की डेंगू बुखार से मौत हो गई। वह कई दिनों से बीमार थीं। अब लोगों में स्वास्थ्य विभाग और पालिका प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त हो गया है। अब तक जांच के नाम पर कोई भी टीम यहां नहीं पहुंची है। अब तक इनकी हुई मौत: नगला निरंजन निवासी अशोक कुमार (30) पुत्र रामेश्वर दयाल, अनिल (32) रामदयाल राजपूत, यशवीर यादव (45) पुत्र रामदयाल राजपूत, सोमेश (39) पुत्र शिव सिंह निवासी नगला दखली थाना बिछवां, संदीप (25) पुत्र रवींद्र यादव निवासी नगला सुखू की डेंगू की वजह से मौत हो चुकी है। इनका चल रहा उपचार: भोजपुरा निवासी पंकज (27) पुत्र सोनेलाल, शिवानी (16) पुत्री रंगलाल, जसरथ (19) पुत्र रंगलाल, सुनीता पत्नी भोले, रोशनी (10) पुत्री स्व. दीपक को डेंगू होने के चलते सैफई में भर्ती कराया गया है। वहीं नगला निरंजन निवासी सुरेंद्र (50), जयप्रकाश (35) पुत्र सुरेंद्र, रामू (25) पुत्र सुरेंद्र, सुरेश (60), धांगिनी (20) पुत्री सुरेश का आगरा में उपचार चल रहा है। इसके अलावा प्रदीप सिंह का पूरा परिवार, मुन्नी देवी पत्नी छत्रपाल और अनीता पत्नी रूपकिशोर निवासी संसारपुर भी डेंगू की वजह से प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। साफ कर रहे कूलरो का पानी, नहीं काटीं झाड़ियां: डेंगू का प्रकोप सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पालिका प्रशासन कूलरों के साफ पानी निकालने में जुटा हुआ है, लेकिन लोग डेंगू की असली वजह क्षेत्र में फैली गदंगी को मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि झाड़ियां खड़ी हुई हैं। इनकी कटाई नहीं कराई जाती। प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी के इंतजाम ही नहीं हैं। सिर्फ दवा का छिड़काव कराया जा रहा है, जबकि सफाई के नाम पर कुछ भी नहीं कराया गया। गंदगी के खिलाफ अब लोगों का आक्रोश भड़क रहा है। संसारपुर में लगा कैंप, बांटी दवाइयां: गुरुवार को संसारपुर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप किया गया। डॉ. सपना चौहान और फार्मेसिस्ट दिनेश बाबू मिश्रा ने गांव में लगभग एक सैकड़ा मरीजों को बुखार और उल्टियों की दवा उपलब्ध कराई। नगला निरंजन में भी कैंप लगाकर ब्लड सेंपल लिए गए। संचारी रोग नियंत्रण को स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
- टीचर्स कालोनी में चला जागरूकता अभियान
- ग्रामीण इलाकों में लगे स्वास्थ्य परीक्षण शिविर
संसू, बेवर : मलेरिया, वायरल फीवर और डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों के पैर पसारते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। मुख्य चिकत्साधिकारी के निर्देशन में चिकित्सकों की टीमें कस्बा और ग्रामीण इलाकों में पहुंची। लोगों को संचारी रोगो पर नियंत्रण के लिए उपाय भी बताए।
नगर की टीचर्स कॉलोनी में चिकित्साधीक्षक डॉ. स्नेहिल त्रिपाठी ने फार्मेसिस्ट मुकेंद्र सिंह, विवेक मिश्रा, प्रदीप कुमार के साथ एक सैकड़ा घरों पर पहुंचकर कूलरों, गमलों, छतों पर रखे बर्तनों आदि से कई दिनों से भरे बरसाती पानी को फैलवाया। संचारी रोग नियंत्रण के ऐतिहाती उपाय भी बताए। गांव मझोला, बागपुर, गढि़या रामनगर में गुरुवार को डॉ. आरएन यादव, विकास मिश्रा, विपिन चंद्र, धीरज की टीम ने कुल 63 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर छह बुखार पीड़ितों की स्लाइड बनाई। डॉ. मनीष प्रताप सिंह की टीम ने डॉ. नंदन गुप्ता, एचएस महेंद्र सिंह के साथ गांव मझोला में शिविर लगाकर कुल 70 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। वहीं गांव गढि़या रामनगर में डॉ. एलआर सिंह, डॉ. राकेश यादव की टीम ने कुल 57 लोगों का परीक्षण किया। बुखार से पीड़ित 35 जांचे की। गांव में साफ सफाई पर विशेष जोर देकर गंदगी से फैलने वाली बीमारियों के बारे में बताया।
