मैनपुरी, जासं। नगला गोवर्धन को पालिका की सूची में वार्ड का दर्जा मिला तो लोगों को दुर्दिन सुधरने की आस जागी। समय बीता लेकिन हालत न सुधरे। सड़कें बनीं न ही नालियां। प्लाटों में जलभराव की वजह से बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। बरसात में यहां हालात नारकीय होंगे। वार्ड की ज्यादातर गलियों में पानी की निकासी न होने की वजह से आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाएगा। क्षेत्र में अधिकांश सड़कें टूटी पड़ी हैं। पूरे वार्ड में कूड़ा निस्तारण के कोई इंतजाम नहीं हैं। समय पर कचरे का उठान नहीं होता है। बेसहारा जानवर मुसीबत बढ़ा रहे हैं। हैंडपंप न होने से पेयजल की किल्लत

20 से 25 घरों के बीच एक भी हैंडपंप नहीं है। वार्ड में लगे सरकारी हैंडपंप में लोगों ने निजी सबमर्सिबल पंप डाल रखी है। जिससे पानी भरने में जाने वाले लोगों को भारी विरोध का सामना करना पड़ता है। न लाइटें और न ही कूडे़दान

कूडे़दान के इंतजाम नहीं कराए गए हैं। मजबूरी में लोगों को प्लाटों में या फिर सड़क किनारे कचरा फेंकना पड़ रहा है। खंभों पर लाइटें गायब हैं। नालियां टूटी हैं। सबसे बड़ी समस्या सड़क की है। दो वर्ष पहले टूटी सड़क की वजह से हादसा हुआ था। आज तक मरम्मत नहीं कराई गई है। रास्ता बनाने के लिए लोगों ने ही मिट्टी डलवाई है।

दिलीप। नालियां टूटी हैं। पानी निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं है। गंदा पानी टूटी नालियों की वजह से सीधे प्लाटों में भरता है। वर्षों से पानी भरा होने के कारण अब इसमें गंदगी और मच्छर पनपने लगे हैं।

भोले। पीने के पानी तक के इंतजाम नहीं कराए गए हैं। दूर-दूर तक हैंडपंप नहीं हैं। जो लगे हैं, उन पर लोगों ने निजी सबमर्सिबल पंप डाल रखी है। आए दिन विवाद की स्थितियां बनती हैं।

नंदकिशोर। हर साल बरसात के मौसम में सड़कें पानी में डूब जाती हैं। घरों के अंदर पानी भरता है। कई बार कहा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परेशानी ही परेशानी है।

रामकिशोर। कुछ सड़कें बनवाई गई हैं। शेष जर्जर सड़कों का प्रस्ताव पालिका को भेजा है। हैंडपंप भी लगवाए जाने हैं। फिलहाल पूरा जोर जलभराव से निपटने पर है। नाले साफ कराने का काम चल रहा है ताकि बरसात में मुश्किल न हो।

विश्वनाथ सिंह यादव, सभासद।

Posted By: Jagran

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